
मॉक ड्रिल के बहाने खेल गई दिल्ली पुलिस, 30 सेकंड में सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से उठाया
दिल्ली के जंतर-मंतर पर 21 दिन से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक को पुलिस शनिवार सुबह सफदरजंग अस्पताल ले गई। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस का विरोध किया, जिससे वहां हंगामा हो गया।
जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। पिछले 21 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस ने एक बेहद गोपनीय और तेजी से किए गए ऑपरेशन के तहत धरना स्थल से हटा दिया है। बताया जा रहा है कि पुलिस ने यह पूरा एक्शन ‘मॉक ड्रिल‘ (Mock Drill) के बहाने सिर्फ 30 सेकंड के भीतर अंजाम दिया। वांगचुक पेपर लीक मामले की जांच और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर अनशन कर रहे हैं।
इस तरह तैयार हुआ दिल्ली पुलिस का सीक्रेट प्लान
जंतर-मंतर पर चल रहे इस प्रदर्शन को खत्म करने के लिए दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने शुक्रवार रात से ही रणनीति बना ली थी। ऑपरेशन को इतना गुप्त रखा गया था कि इसमें शामिल जमीनी पुलिसकर्मियों तक को सही जानकारी नहीं दी गई थी।
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सोनम वांगचुक को सफेद चादर से ढककर ले गए अस्पतालदिल्ली पुलिस के जवान सादा कपड़ों में प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे
पुलिसकर्मी सीधे मंच पर चढ़ गए, जहां सोनम वांगचुक मौजूद थे
प्रदर्शनकारियों की नजरों से बचाने के लिए सोनम वांगचुक को सफेद चादरों से ढक दिया
पुलिस ने उन्हें… pic.twitter.com/CXsyrikx8F— Live New India (@livenewindia01) July 18, 2026
सूत्रों के मुताबिक, शुक्रवार रात करीब 11 बजे नई दिल्ली जिले के सभी थानाध्यक्षों को निर्देश दिया गया कि वे 10-10 पुलिसकर्मियों के साथ सुबह 3 बजे संसद मार्ग थाने पहुंचें। वहां मौजूद जवानों से कहा गया कि उन्हें संसद भवन में एक मॉक ड्रिल के लिए जाना है।
30 सेकंड का एक्शन और जैमर का इस्तेमाल
सुबह तड़के पुलिस बल को पहले मंदिर मार्ग थाने ले जाया गया, जहाँ जिले के तीनों डीसीपी (DCP) मौजूद थे। यहाँ पुलिसकर्मियों को बताया गया कि असल में उन्हें सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाना है और इसके लिए उन्हें इशारा मिलते ही सिर्फ 30 सेकंड मिलेंगे।
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रात में ही जंतर-मंतर से बैरिकेड्स हटा दिए गए थे ताकि पुलिस की गाड़ियों की आवाजाही आसान हो सके।
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सुबह करीब 7 बजे, जैसे ही वांगचुक के सहयोगी मंच से थोड़े दूर हुए, पुलिस ने तुरंत मंच को चारों तरफ से घेर लिया।
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कुछ ही सेकंड के भीतर स्ट्रेचर के जरिए सोनम वांगचुक को मंच के पिछले हिस्से से नीचे उतारा गया और वहाँ पहले से खड़ी एम्बुलेंस में डालकर अस्पताल भेज दिया गया।
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इस कार्रवाई के दौरान धरना स्थल पर मोबाइल नेटवर्क काम न करे और लोग तुरंत संपर्क न कर सकें, इसके लिए इलाके में जैमर भी लगाया गया था।
दिल्ली पुलिस ने क्या दी सफाई?
इस पूरे मामले पर बवाल बढ़ता देख नई दिल्ली जिला के डीसीपी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) पर जानकारी साझा की। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश और मेडिकल एक्सपर्ट्स की सलाह पर की गई है। 21 दिनों की भूख हड़ताल के कारण सोनम वांगचुक की सेहत लगातार गिर रही थी और उन्हें तुरंत इलाज की जरूरत थी, इसलिए उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया है।
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फिलहाल जंतर-मंतर पर भारी पुलिस बल तैनात है और प्रदर्शनकारियों से जगह खाली करने की अपील की जा रही है। इसके बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके ने जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल शुरू कर दी है। उन्होंने कहा- पुलिस ने सोनम सर को गालियां दीं और घसीटकर जबरन अस्पताल ले गए। पुलिस ने मेरे साथ भी मारपीट की। हम पीएम मोदी के इस्तीफे की मांग करते हैं।
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