KGMU के डॉक्टरों का चमत्कार, मजदूर के शरीर के आर-पार हुए लोहे के सरिये; ऐसे बचाई जान

Lucknow News: लखनऊ के KGMU ट्रॉमा सेंटर में डॉक्टरों ने निर्माणाधीन इमारत से गिरकर चार लोहे की सरियों से आर-पार घायल हुए मजदूर की 8 घंटे 30 मिनट लंबी जटिल सर्जरी कर जान बचा ली।

लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के ट्रॉमा सेंटर से चिकित्सा जगत का एक हैरान कर देने वाला और चमत्कारी मामला सामने आया है। यहाँ डॉक्टरों की एक टीम ने करीब 8 घंटे 30 मिनट तक चली बेहद जटिल सर्जरी के बाद एक 23 वर्षीय मजदूर की जान बचा ली है। एक निर्माणाधीन इमारत से गिरने के बाद चार लोहे के सरिये उस मजदूर के शरीर के आर-पार हो गए थे, जिससे उसके कई आंतरिक अंग बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे।

निर्माणाधीन इमारत से गिरने पर हुआ हादसा

हादसा 13 जुलाई की सुबह लखनऊ के बादशाह नगर इलाके में हुआ। फर्रुखाबाद के नरैया गांव का रहने वाला 23 वर्षीय उमेश एक निर्माणाधीन इमारत में काम कर रहा था। काम के दौरान अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह कई फीट ऊंचाई से नीचे सीधे लोहे के नुकीले सरियों पर जा गिरा। यह हादसा इतना खौफनाक था कि चार लोहे के सरिये उमेश के शरीर के बाएं हिस्से को चीरते हुए पेट और छाती के आर-पार निकल गए। इनमें से तीन सरिये तो उसकी गर्दन और कंधे तक पहुंच गए थे।

लोगों की सूझबूझ और डॉक्टरों की तत्परता

घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने शरीर में धंसे सरियों को खुद निकालने की कोशिश नहीं की, बल्कि सरियों के बाहरी हिस्से को कटर से काटा और उमेश को उसी हालत में एम्बुलेंस से तुरंत KGMU ट्रॉमा सेंटर पहुँचाया। डॉक्टरों के अनुसार, अगर मौके पर ही सरिये खींचकर निकालने की कोशिश की जाती, तो अत्यधिक खून बहने (Internal Bleeding) के कारण उमेश की मौके पर ही मौत हो सकती थी।

जब उमेश अस्पताल पहुंचा, तब उसकी स्थिति बेहद नाजुक थी। उसका ब्लड प्रेशर तेजी से गिर रहा था और कई प्रमुख अंग गंभीर रूप से डैमेज हो चुके थे।

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साढ़े आठ घंटे चला ऑपरेशन

ट्रॉमा सेंटर के प्रो. डॉ. समीर मिश्रा के निर्देशन में डॉ. नरेंद्र कुमार और उनकी विशेषज्ञ टीम ने तुरंत इस चुनौती को हाथ में लिया। मरीज को वेंटिलेटर और लाइफ सपोर्ट पर लेकर ऑपरेशन थिएटर (OT) ले जाया गया। डॉक्टरों ने बेहद सावधानी बरतते हुए एक-एक कर चारों सरियों को शरीर से बाहर निकाला और क्षतिग्रस्त अंगों की रिपेयरिंग की।

डॉक्टरों ने दिया नया जीवन

इस मैराथन सर्जरी को सफल बनाने के लिए मरीज को 3 यूनिट पैक्ड रेड ब्लड सेल (PRBC) और 4 यूनिट फ्रेश फ्रोजन प्लाज्मा (FFP) चढ़ाया गया। KGMU की कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने इस कामयाबी पर पूरी मेडिकल और एनेस्थीसिया टीम की जमकर सराहना की है। फिलहाल मरीज आईसीयू (ICU) में भर्ती है और उसकी स्थिति स्थिर बनी हुई है।

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