Hormuz बंद रहे तो भी नो-टेंशन! अमेरिका-इराक की बड़ी डील से मिला तेल सप्लाई का नया रास्ता

US Iraq Deal: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल व जहाजों की आवाजाही को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच इराक ने बड़ा रणनीतिक कदम उठाया है। अमेरिका-इराक बिजनेस समिट में इराक ने पश्चिमी तेल कंपनियों के साथ कई बड़े समझौते किए हैं। इनमें इराक-सिरीया कच्चे तेल की पाइपलाइन को फिर से शुरू करने की योजना भी शामिल है, जिसे होर्मुज जलडमरूमध्य के विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है।

अमेरिका में हुआ बड़ा Business Summit
यह अहम समझौते शुक्रवार को वॉशिंगटन डीसी स्थित यूएस चैंबर ऑफ कॉमर्स में आयोजित अमेरिका-इराक बिजनेस समिट के दौरान हुए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी कंपनियों और इराकी सरकार के बीच करीब 60 अरब डॉलर के समझौते और साझेदारियां हुई हैं। इन डील्स में ऊर्जा के अलावा स्वास्थ्य, संचार और बुनियादी ढांचे से जुड़े क्षेत्र भी शामिल हैं।

इस समिट का मुख्य फोकस इराक में निजी निवेश बढ़ाने और ऊर्जा क्षेत्र को मजबूत करने पर रहा। हालांकि, तेल निर्यात के लिए वैकल्पिक रास्ते विकसित करने की योजना ने सबसे ज्यादा ध्यान खींचा है।

Hormuz के बिना तेल निर्यात की तैयारी
इराक लंबे समय से अपने तेल निर्यात के लिए फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य पर निर्भर रहा है। लेकिन मौजूदा क्षेत्रीय तनाव ने इस रास्ते की सुरक्षा और स्थिरता को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

ऐसे में इराक अब वैकल्पिक ऊर्जा गलियारों पर जोर दे रहा है। इराक-सिरीया पाइपलाइन को पुनर्जीवित करने की योजना इसी रणनीति का हिस्सा है। पाइपलाइन के बहाल होने के बाद इराकी कच्चे तेल को भूमध्यसागर के रास्ते अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने की संभावना बढ़ेगी।

2 मिलियन बैरल प्रतिदिन की शुरुआती क्षमता
अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, बहाली के बाद इस पाइपलाइन की शुरुआती परिवहन क्षमता करीब 20 लाख बैरल कच्चा तेल प्रतिदिन हो सकती है। यह परियोजना इराकी तेल उत्पादन को भूमध्यसागर के निर्यात बाजारों से जोड़ने वाले एक महत्वपूर्ण ऊर्जा गलियारे के रूप में विकसित की जा रही है।

इस पाइपलाइन को दोबारा शुरू करने के लिए इराक और सीरिया ने सहयोग बढ़ाने की इच्छा जताई है। तकनीकी और वित्तीय पहलुओं में अमेरिकी नेतृत्व वाले अंतरराष्ट्रीय समूह की भूमिका भी प्रस्तावित है।

पाइपलाइन के जरिए बदलेगा इराक का तेल निर्यात नक्शा
इराक-सिरीया पाइपलाइन को लेकर हुई डील का रणनीतिक महत्व काफी बड़ा माना जा रहा है। यह पाइपलाइन इराक के तेल को समुद्री मार्ग से अलग दिशा में ले जाने का विकल्प दे सकती है।

इसका मतलब यह है कि भविष्य में इराक अपने तेल निर्यात के लिए केवल होर्मुज जलडमरूमध्य पर निर्भर नहीं रहेगा। विशेषज्ञों के मुताबिक, ऊर्जा निर्यात के रास्तों में विविधता लाने से इराक को भू-राजनीतिक संकट के दौरान ज्यादा विकल्प मिलेंगे।

यह भी पढ़ें…

ईरान का अमेरिका पर पलटवार! जॉर्डन में अमेरिकी फाइटर जेट्स तबाह करने का दावा…

अमेरिकी कंपनियों ने भी किए बड़े समझौते
समिट के दौरान अमेरिकी ऊर्जा कंपनियों ने इराक में निवेश और तेल उत्पादन बढ़ाने से जुड़े कई समझौते किए। इनमें पाइपलाइन और ऊर्जा बुनियादी ढांचे के विकास से जुड़ी योजनाएं भी शामिल हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी कंपनियों के साथ हुए समझौतों का उद्देश्य इराक के तेल क्षेत्र में उत्पादन और निर्यात क्षमता को बढ़ाना है। वॉशिंगटन और बगदाद के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में भी इन डील्स को अहम माना जा रहा है।

यह भी पढ़ें…

Iran-US जंग में भारत को बड़ा झटका, Chabahar Port पर हमले से बदला खेल…

क्या होर्मुज का दबाव कम होगा?
होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया के तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ऐसे में यहां किसी भी तरह का तनाव वैश्विक ऊर्जा बाजार और तेल की कीमतों पर सीधा असर डाल सकता है।

हालांकि, इराक-सिरीया पाइपलाइन को तुरंत तैयार होने वाला विकल्प नहीं माना जा रहा है। पाइपलाइन के पुनर्निर्माण, सुरक्षा और तकनीकी चुनौतियों के कारण इसे पूरी तरह संचालन में आने में समय लग सकता है। फिर भी, मौजूदा संकट के बीच इराक का यह कदम भविष्य के लिए एक वैकल्पिक ऊर्जा मार्ग तैयार करने की बड़ी कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

यह भी पढ़ें…

Pakistan में फिर उठी बगावत की आग, बलूचिस्तान ने किया आजादी का ऐलान…

Back to top button