राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में नई SIT की एंट्री, जांच में CA भी होंगे शामिल…

Ram Mandir Chadhawa Chori New SIT Team: अयोध्या स्थित राम मंदिर के चढ़ावे में कथित अनियमितताओं और चोरी के मामले की जांच को तेज करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने नई विशेष जांच टीम (SIT) का गठन कर दिया है। यह जानकारी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दी। उन्होंने अदालत को बताया कि मामले की निष्पक्ष और व्यापक जांच के लिए चार सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया है, जिसमें वित्तीय जांच को मजबूत बनाने के लिए एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) को भी शामिल किया गया है।

IG किरण एस के नेतृत्व में करेगी जांच
नई गठित एसआईटी की कमान आईजी किरण एस को सौंपी गई है। उनके साथ टीम में डीआईजी और एसपी रैंक के दो वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल हैं। इसके अलावा वित्तीय लेन-देन, खातों और दस्तावेजों की गहन जांच के लिए एक चार्टर्ड अकाउंटेंट को भी टीम का सदस्य बनाया गया है।

सरकार का कहना है कि जांच में वित्तीय पहलुओं की विशेषज्ञता सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है, ताकि चढ़ावे से जुड़े सभी रिकॉर्ड और लेन-देन की बारीकी से जांच की जा सके।

25 जुलाई को हुआ SIT का गठन
सुप्रीम कोर्ट को बताया गया कि नई एसआईटी का गठन 25 जुलाई को किया गया। अदालत में सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने कहा कि जांच अब नई टीम के नेतृत्व में आगे बढ़ेगी और मामले से जुड़े सभी तथ्यों की निष्पक्ष पड़ताल की जाएगी।

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सुप्रीम कोर्ट ने दिया था अहम सुझाव
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सुझाव दिया कि जांच टीम में एक फोरेंसिक ऑडिटर या वित्तीय विशेषज्ञ को भी शामिल किया जाना चाहिए, ताकि वित्तीय रिकॉर्ड की वैज्ञानिक और पेशेवर तरीके से जांच हो सके। राज्य सरकार ने इस सुझाव से सहमति जताई और चार्टर्ड अकाउंटेंट को जांच टीम का हिस्सा बनाया।

दो सप्ताह में मांगी गई स्टेटस रिपोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने नई एसआईटी को निर्देश दिया है कि वह दो सप्ताह के भीतर जांच की प्रगति पर यथास्थिति (स्टेटस) रिपोर्ट अदालत में दाखिल करे। अदालत ने स्पष्ट किया कि जांच पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़नी चाहिए।

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क्या है मामला?
राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान और चढ़ावे में कथित अनियमितताओं तथा चोरी के आरोपों को लेकर यह मामला न्यायालय तक पहुंचा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के दायरे और प्रक्रिया को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है।

अब नई एसआईटी के गठन के बाद उम्मीद की जा रही है कि वित्तीय और प्रशासनिक दोनों पहलुओं की विस्तार से जांच होगी और यदि किसी स्तर पर अनियमितता या जिम्मेदारी तय होती है, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

आगे की नजर जांच रिपोर्ट पर
फिलहाल सभी की निगाहें नई एसआईटी की जांच और सुप्रीम कोर्ट में पेश की जाने वाली पहली स्टेटस रिपोर्ट पर टिकी हैं। इस रिपोर्ट से यह स्पष्ट हो सकेगा कि जांच किस दिशा में आगे बढ़ रही है और अब तक क्या तथ्य सामने आए हैं।

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