
Parliament में राहुल गांधी के भाषण पर बवाल, RSS पर टिप्पणी से गरमाया सदन…
‘पेपर लीक नहीं, पूरी शिक्षा व्यवस्था संकट में’
एंटी पेपर लीक बिल पर बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों का गुस्सा केवल पेपर लीक की घटनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी शिक्षा व्यवस्था गंभीर संकट से गुजर रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा लगातार महंगी होती जा रही है और लाखों गरीब परिवार अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए भारी आर्थिक बोझ उठा रहे हैं।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि कई परीक्षाओं में पेपर लीक होते हैं, कहीं दोबारा परीक्षा होती है तो कहीं नहीं होती। इससे छात्रों का भविष्य अनिश्चितता में पड़ जाता है और व्यवस्था पर उनका भरोसा कमजोर होता है।
RSS पर लगाया शिक्षा व्यवस्था नियंत्रित करने का आरोप
अपने भाषण में राहुल गांधी ने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था और उसकी “आत्मा” पर RSS का प्रभाव बढ़ गया है। उन्होंने दावा किया कि विश्वविद्यालयों में नियुक्तियों से लेकर पाठ्यक्रम तक कई फैसलों पर संघ की विचारधारा का असर दिखाई देता है।
उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों को अपनी पसंद के विषयों और विचारों को खुलकर अपनाने का अवसर नहीं मिल रहा है तथा उन्हें वही इतिहास पढ़ाया जा रहा है, जिसे सरकार और उससे जुड़े वैचारिक संगठन आगे बढ़ाना चाहते हैं।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर भी साधा निशाना
राहुल गांधी ने पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का जिक्र करते हुए कहा कि केवल मंत्री बदलने से व्यवस्था नहीं बदलती। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्रालय के फैसले वास्तविक रूप से अन्य स्तरों पर नियंत्रित होते हैं और सिर्फ चेहरा बदलने से छात्रों की समस्याओं का समाधान नहीं होगा।
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सत्ता पक्ष ने किया कड़ा विरोध
राहुल गांधी के भाषण के दौरान सत्ता पक्ष के सांसदों ने उनके कई बयानों पर कड़ी आपत्ति जताई। भाजपा सांसदों ने आरोप लगाया कि विपक्ष एंटी पेपर लीक बिल जैसे गंभीर विषय का राजनीतिकरण कर रहा है और सदन में अनावश्यक आरोप लगा रहा है।
विरोध बढ़ने के साथ ही सदन में शोर-शराबा शुरू हो गया, जिसके चलते लोकसभा अध्यक्ष को कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
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पेपर लीक पर जारी है सियासी संग्राम
मानसून सत्र में पेपर लीक का मुद्दा लगातार केंद्र में बना हुआ है। विपक्ष सरकार से परीक्षा प्रणाली में सुधार, पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रहा है, जबकि सरकार का कहना है कि एंटी पेपर लीक बिल परीक्षाओं में गड़बड़ी रोकने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम है।
आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर संसद में और तीखी बहस होने की संभावना है, क्योंकि विपक्ष सरकार को लगातार घेरने की रणनीति पर काम कर रहा है, वहीं सरकार बिल को छात्रों के हित में महत्वपूर्ण सुधार बता रही है।
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