
Lucknow RTO में सर्वर संकट, चार घंटे तक अटकी रहीं ड्राइविंग लाइसेंस की सेवाएं…
Lucknow News: राजधानी लखनऊ के ट्रांसपोर्ट नगर स्थित क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) में गुरुवार को सर्वर में आई तकनीकी खराबी के कारण लोगों को घंटों परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह करीब 11 बजे सर्वर अचानक ठप हो गया, जिससे बायोमेट्रिक आधारित सभी सेवाएं बंद हो गईं। ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने, लर्निंग लाइसेंस, नवीनीकरण और अन्य परिवहन संबंधी कार्यों के लिए पहुंचे सैकड़ों आवेदकों को करीब चार घंटे तक कार्यालय परिसर में इंतजार करना पड़ा।
तकनीकी समस्या के चलते बायोमेट्रिक सत्यापन पूरी तरह प्रभावित हो गया। इसके कारण नए ड्राइविंग लाइसेंस के आवेदन, लाइसेंस रिन्यूअल, डुप्लीकेट लाइसेंस, स्मार्ट कार्ड जारी करने सहित कई महत्वपूर्ण सेवाएं बाधित रहीं। लंबी कतारों में खड़े लोगों को यह समझ नहीं आ रहा था कि उनका काम कब शुरू होगा।
सुबह से लगी रही लंबी कतारें
आरटीओ कार्यालय में रोजाना की तरह बड़ी संख्या में लोग सुबह ही अपने जरूरी कामों के लिए पहुंच गए थे। लेकिन कुछ ही देर बाद सर्वर में तकनीकी खराबी आने से सभी काउंटरों पर काम रुक गया। कर्मचारियों ने आवेदकों को सर्वर ठीक होने का इंतजार करने को कहा, जिससे कार्यालय परिसर में भीड़ बढ़ती चली गई।
कई आवेदकों ने बताया कि वे दूसरे जिलों और दूर-दराज के इलाकों से सुबह जल्दी निकलकर पहुंचे थे। घंटों इंतजार के बावजूद उनका काम समय पर नहीं हो सका। इससे लोगों में नाराजगी भी देखने को मिली।
बायोमेट्रिक सेवाएं पूरी तरह प्रभावित
सर्वर डाउन होने का सबसे अधिक असर बायोमेट्रिक आधारित सेवाओं पर पड़ा। फिंगरप्रिंट और फोटो सत्यापन नहीं होने के कारण ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़ी पूरी प्रक्रिया रुक गई। जिन लोगों का पहले से स्लॉट बुक था, उन्हें भी लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा।
कार्यालय में मौजूद अधिकारियों ने बताया कि समस्या तकनीकी थी और इसे दूर करने के लिए संबंधित तकनीकी टीम को तुरंत सूचना दी गई। सर्वर बहाल होने के बाद लंबित आवेदनों का निस्तारण शुरू किया गया।
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चार घंटे बाद बहाल हुई सेवाएं
करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद दोपहर में सर्वर सामान्य हुआ, जिसके बाद बायोमेट्रिक सेवाएं दोबारा शुरू की गईं। हालांकि तब तक बड़ी संख्या में आवेदकों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ चुका था। कर्मचारियों ने लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने का प्रयास किया, लेकिन कई लोगों को शाम तक कार्यालय में रुकना पड़ा।
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आवेदकों ने मांगे बेहतर इंतजाम
लोगों का कहना है कि आरटीओ जैसे महत्वपूर्ण कार्यालयों में सर्वर फेल होने की घटनाएं समय-समय पर सामने आती रहती हैं। ऐसे में तकनीकी खराबी की स्थिति से निपटने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि आम नागरिकों को घंटों परेशानी न उठानी पड़े।
विशेषज्ञों का भी मानना है कि डिजिटल सेवाओं पर बढ़ती निर्भरता के बीच मजबूत सर्वर और बैकअप सिस्टम विकसित करना आवश्यक है। इससे न केवल सरकारी सेवाएं सुचारु रहेंगी, बल्कि लोगों का समय और संसाधन भी बचेंगे।
फिलहाल सर्वर बहाल होने के बाद आरटीओ में सभी सेवाएं सामान्य रूप से शुरू कर दी गई हैं, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर सरकारी ऑनलाइन सिस्टम की तकनीकी तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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