
बारिश में भीगते दिखे सांसद, नए संसद भवन को लेकर सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस…
Parliament Viral Video: संसद के मानसून सत्र के दौरान नए संसद भवन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में भारी बारिश के बीच संसद भवन के एक प्रवेश क्षेत्र में कुछ सांसद, अधिकारी और अन्य लोग बारिश से बचने की कोशिश करते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस वीडियो के सामने आने के बाद नए संसद भवन की डिजाइन और प्रवेश द्वार पर पोर्च (ढके हुए बरामदे) की व्यवस्था को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी बहस शुरू हो गई है। हालांकि, वीडियो के साथ किए जा रहे कई दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर हजारों प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कई यूजर्स ने दावा किया कि लगभग ₹1000 करोड़ की लागत से बने नए संसद भवन में बारिश से बचाव के लिए पर्याप्त पोर्च नहीं बनाया गया, जिसके कारण सांसदों और कर्मचारियों को बारिश में भीगना पड़ा। कई पोस्ट में इस मुद्दे पर व्यंग्यात्मक टिप्पणियां भी की गईं और भवन की डिजाइन पर सवाल उठाए गए।
नया संसद बनने में लगभग एक हजार करोड़ रुपए खर्च हो गए, लेकिन पोर्च बनाने के पहले पैसे खत्म हो गए।
इसमें भी लगता है स्पेस टेक्नोलॉजी लगी है। pic.twitter.com/4Xu5eeP7Th
— Luffy (@luffyspeaking) July 30, 2026
वीडियो के बाद शुरू हुई बहस
वायरल वीडियो में दिखाई दे रहा है कि बारिश तेज होने के कारण संसद परिसर के एक हिस्से में मौजूद लोग इधर-उधर खड़े होकर बारिश रुकने का इंतजार कर रहे हैं। इसी दृश्य को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग तरह के दावे किए जा रहे हैं। कुछ लोगों ने इसे भवन की डिजाइन में कमी बताया, जबकि कई लोगों का कहना है कि किसी भी बड़े परिसर में मौसम की परिस्थितियों के कारण ऐसी स्थिति बन सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि केवल एक वीडियो के आधार पर पूरे भवन की संरचना या डिजाइन पर निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। वीडियो किस स्थान का है, उस समय की परिस्थितियां क्या थीं और संबंधित क्षेत्र की वास्तविक संरचना क्या है, इसकी पुष्टि आवश्यक है।
विपक्ष और समर्थकों के बीच जुबानी जंग
वायरल वीडियो के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर भी शुरू हो गया। विपक्ष से जुड़े कई नेताओं और समर्थकों ने इसे सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना पर सवाल उठाने का मुद्दा बनाया। उनका कहना है कि यदि इतने बड़े बजट से बना भवन बारिश जैसी सामान्य स्थिति में भी पर्याप्त सुविधा नहीं दे पा रहा है, तो इसकी समीक्षा होनी चाहिए।
वहीं, सरकार के समर्थकों का कहना है कि सोशल मीडिया पर अधूरी जानकारी के आधार पर भ्रम फैलाया जा रहा है। उनका तर्क है कि पूरे संसद भवन की डिजाइन और सुविधाओं का आकलन किसी एक वीडियो से नहीं किया जा सकता।
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आधुनिक तकनीक से बना है नया संसद भवन
नया संसद भवन भारत की लोकतांत्रिक जरूरतों और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। इसमें आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था, डिजिटल तकनीक, ऊर्जा दक्षता, बड़ी क्षमता वाले सदन और कई अत्याधुनिक सुविधाएं शामिल हैं। इसे पुराने संसद भवन के विकल्प के रूप में विकसित किया गया है और इसकी वास्तुकला में भारतीय सांस्कृतिक तत्वों को भी शामिल किया गया है।
आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल संसद सचिवालय या केंद्र सरकार की ओर से वायरल वीडियो और सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावों पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। ऐसे में यह स्पष्ट नहीं है कि वीडियो किस प्रवेश द्वार का है, उस स्थान पर पोर्च की व्यवस्था क्या है और वीडियो के साथ किए जा रहे दावे कितने सही हैं।
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तथ्य और दावे में अंतर समझना जरूरी
डिजिटल युग में सोशल मीडिया पर कोई भी वीडियो कुछ ही मिनटों में लाखों लोगों तक पहुंच जाता है। लेकिन किसी वायरल वीडियो के साथ किए गए दावे स्वतः सत्य नहीं हो जाते। ऐसे मामलों में आधिकारिक जानकारी और तथ्यात्मक जांच का इंतजार करना जरूरी होता है।
फिलहाल यह वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि, “नए संसद भवन में पोर्च नहीं है” या “डिजाइन में कमी के कारण लोग भीगे” जैसे दावों की स्वतंत्र और आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। इसलिए इन दावों को सत्यापित तथ्य के बजाय वायरल दावों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
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