
प्रॉपर्टी खरीदने की सोच रहे हैं? 15 अगस्त से पहले जान लें यूपी सरकार का नया नियम…
UP New Circle Rate: उत्तर प्रदेश में घर, प्लॉट या अन्य अचल संपत्ति खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए बड़ी खबर है। राज्य सरकार 15 अगस्त 2026 से पूरे प्रदेश में सर्किल रेट (Circle Rate) निर्धारण और स्टांप शुल्क (Stamp Duty) की गणना के लिए एक समान (Uniform System) व्यवस्था लागू करने जा रही है। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य सभी 75 जिलों में संपत्ति मूल्यांकन को पारदर्शी, एकरूप और विवाद-मुक्त बनाना है।
नई प्रणाली लागू होने के बाद कई इलाकों में जमीन और मकानों के सर्किल रेट 15 प्रतिशत तक बढ़ सकते हैं, जिससे प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री पर होने वाला खर्च भी बढ़ जाएगा। खासतौर पर हाईवे, मुख्य सड़कों, कॉर्नर प्लॉट और पार्क फेसिंग संपत्तियों की कीमतों पर इसका अधिक प्रभाव पड़ने की संभावना है।
क्यों लागू किया जा रहा है नया सिस्टम?
अब तक उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में सर्किल रेट तय करने के मानक अलग-अलग थे। इससे संपत्ति के मूल्यांकन और स्टांप शुल्क को लेकर कई तरह की विसंगतियां और भ्रम की स्थिति बनती थी।
स्टांप एवं पंजीकरण विभाग का कहना है कि नई यूनिफॉर्म प्रणाली लागू होने से पूरे प्रदेश में संपत्तियों का मूल्यांकन एक समान मानकों पर होगा। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी, मनमानी की गुंजाइश कम होगी और रजिस्ट्री प्रक्रिया अधिक सरल और व्यवस्थित बनेगी।
1 अगस्त से होना था लागू, लेकिन…
सरकार ने पहले 1 अगस्त 2026 से नए मानकीकृत सर्किल रेट लागू करने के निर्देश दिए थे, लेकिन कई जिलों में अभी ड्राफ्ट तैयार करने, आपत्तियां लेने और संशोधन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। इसी वजह से सभी जिलों में एक साथ नई व्यवस्था लागू नहीं हो पाई।
अब सरकार ने स्पष्ट किया है कि 15 अगस्त से सभी 75 जिलों में नई प्रणाली लागू करने का लक्ष्य रखा गया है।
किन संपत्तियों पर पड़ेगा ज्यादा असर?
नई व्यवस्था के तहत कुछ विशेष श्रेणी की संपत्तियों के सर्किल रेट में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हो सकती है। इनमें शामिल हैं—
- राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्ग (हाईवे) के किनारे स्थित प्लॉट
- मुख्य सड़क पर स्थित व्यावसायिक संपत्तियां
- कॉर्नर प्लॉट
- पार्क फेसिंग प्लॉट
- तेजी से विकसित हो रहे शहरी और औद्योगिक क्षेत्र
इन इलाकों में सर्किल रेट बढ़ने से रजिस्ट्री के समय स्टांप ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क भी अधिक देना पड़ सकता है।
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खरीदारों पर क्या होगा असर?
सर्किल रेट बढ़ने का सीधा असर प्रॉपर्टी खरीदने वालों पर पड़ेगा। यदि किसी इलाके का सर्किल रेट बढ़ता है, तो उसी आधार पर स्टांप ड्यूटी की गणना होगी, जिससे रजिस्ट्री का कुल खर्च भी बढ़ जाएगा।
हालांकि सरकार का कहना है कि यह कदम केवल राजस्व बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में संपत्ति मूल्यांकन को पारदर्शी और समान बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
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पारदर्शिता पर सरकार का जोर
स्टांप एवं पंजीकरण विभाग के अधिकारियों के अनुसार नई व्यवस्था से संपत्तियों के मूल्य निर्धारण में एकरूपता आएगी, फर्जी मूल्यांकन और अनियमितताओं पर रोक लगेगी तथा खरीदार और विक्रेता दोनों को स्पष्ट और पारदर्शी व्यवस्था का लाभ मिलेगा।
ऐसे में यदि आप उत्तर प्रदेश में निकट भविष्य में घर, प्लॉट या अन्य संपत्ति खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो नई सर्किल दरें लागू होने से पहले संबंधित जिले के ताजा सर्किल रेट की जानकारी जरूर प्राप्त कर लें, क्योंकि इससे आपकी रजिस्ट्री की लागत पर सीधा असर पड़ सकता है।
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