
संसद के हंगामे के बीच PM Modi की ब्रेकफास्ट डिप्लोमेसी, नए NDA सांसदों को दिया भरोसा…
PM Modi: संसद के मानसून सत्र के दौरान लगातार जारी हंगामे के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में शामिल नए सांसदों के साथ नाश्ते पर अहम बैठक की। इस दौरान उन्होंने सांसदों से संसदीय परंपराओं का सम्मान करने, बहसों में सक्रिय भागीदारी निभाने और अपने-अपने राज्यों के विकास को प्राथमिकता देने का आग्रह किया।
सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से तृणमूल कांग्रेस (TMC) और उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना से अलग होकर एनडीए में शामिल हुए सांसदों का हौसला बढ़ाया। उन्होंने उनसे कहा, “चिंता की बात नहीं, मैं आपके साथ हूं।” इसे नए सहयोगियों के प्रति विश्वास और समर्थन के संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
संसद में हंगामे पर जताई चिंता
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने संसद की कार्यवाही बार-बार बाधित होने पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि संसद लोकतंत्र का सर्वोच्च मंदिर है और यहां स्वस्थ चर्चा व सार्थक बहस होनी चाहिए। उन्होंने अफसोस जताया कि लगातार हंगामे के कारण पहली बार संसद पहुंचे कई नए सांसदों को अपनी बात रखने का अवसर नहीं मिल पा रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि नए सांसदों के लिए यह सीखने और अनुभव प्राप्त करने का महत्वपूर्ण समय है, लेकिन व्यवधानों के कारण उनकी भूमिका सीमित हो रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सदन की कार्यवाही जल्द ही सामान्य होगी और सभी सांसद लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप अपनी जिम्मेदारियां निभाएंगे।
संसद के इतिहास से सीखने की सलाह
पीएम मोदी ने सांसदों से संसद के समृद्ध इतिहास का अध्ययन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद के अभिलेखों और ऐतिहासिक बहसों में ज्ञान का विशाल भंडार मौजूद है, जिससे सीखकर सांसद अपनी तैयारी और बेहतर कर सकते हैं।
उन्होंने सुझाव दिया कि सांसद सदन में होने वाली चर्चाओं के लिए तथ्यों और शोध के आधार पर तैयारी करें ताकि उनकी भागीदारी अधिक प्रभावी और सार्थक हो सके।
राज्यों के विकास पर दिया जोर
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि देश की प्रगति राज्यों के विकास से जुड़ी हुई है। उन्होंने सांसदों से अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं और विकास संबंधी मुद्दों को संसद में मजबूती से उठाने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि सांसदों की जिम्मेदारी केवल कानून बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना और विकास कार्यों को गति देना भी उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है।
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करीब 45 सांसद रहे मौजूद
सूत्रों के मुताबिक, इस ब्रेकफास्ट बैठक में करीब 45 सांसद शामिल हुए। इनमें शिवसेना के सात सांसद, नेशनल सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) के लगभग 20 सांसद और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) के दो सांसद भी मौजूद थे। बैठक का उद्देश्य एनडीए में शामिल नए सांसदों के साथ संवाद स्थापित करना और उन्हें संसदीय कार्यप्रणाली से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं से अवगत कराना था।
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राजनीतिक मायने
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संसद सत्र के बीच आयोजित यह बैठक केवल संसदीय प्रशिक्षण तक सीमित नहीं थी, बल्कि एनडीए में शामिल नए सहयोगी दलों और सांसदों के साथ तालमेल मजबूत करने का भी प्रयास थी। प्रधानमंत्री का “मैं आपके साथ हूं” संदेश गठबंधन की एकजुटता और नए सहयोगियों को भरोसा दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
हालांकि, बैठक में प्रधानमंत्री द्वारा TMC और उद्धव सेना के बागी सांसदों से “चिंता की बात नहीं, मैं आपके साथ हूं” कहने का दावा मीडिया रिपोर्टों और सूत्रों पर आधारित है। इस संबंध में प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से आधिकारिक विस्तृत बयान सार्वजनिक नहीं किया गया है।
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