
‘शोहरत नहीं, अनुशासन पर रखो फोकस’, वैभव सूर्यवंशी को रहाणे की खास सलाह…
रहाणे ने कहा कि वैभव के करियर के शुरुआती 5 से 10 साल बेहद अहम होने वाले हैं और इसी दौरान लिया गया हर फैसला उनके भविष्य को तय करेगा।
‘प्रतिभा के साथ अनुशासन भी जरूरी’
अजिंक्य रहाणे ने कहा कि युवा खिलाड़ियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपनी प्रतिभा को लंबे समय तक बनाए रखना होती है। उन्होंने कहा कि शुरुआती सफलता के बाद खिलाड़ियों पर उम्मीदों का दबाव बढ़ जाता है और ऐसे समय में अनुशासन तथा सही सोच सबसे बड़ी ताकत बनती है।
रहाणे का मानना है कि वैभव में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, लेकिन उसे लगातार मेहनत, फिटनेस और खेल के प्रति समर्पण बनाए रखना होगा।
परिवार की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण
रहाणे ने विशेष रूप से वैभव के परिवार का जिक्र करते हुए कहा कि इस उम्र में माता-पिता और परिवार की भूमिका सबसे अधिक महत्वपूर्ण होती है।
उन्होंने कहा कि परिवार को यह सुनिश्चित करना होगा कि वैभव शोहरत, सोशल मीडिया की लोकप्रियता, लगातार यात्राओं और बाहरी प्रभावों से प्रभावित न हो। उसे सामान्य जीवन जीने और जमीन से जुड़े रहने के लिए प्रेरित करना परिवार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होगी।
रहाणे ने कहा कि यदि परिवार सही दिशा में मार्गदर्शन देता रहा, तो वैभव अपने खेल पर पूरा ध्यान केंद्रित कर पाएगा।
‘अगले 5 से 10 साल करेंगे भविष्य तय’
रहाणे के अनुसार, किसी भी युवा खिलाड़ी के करियर में शुरुआती कुछ वर्ष सबसे निर्णायक होते हैं। उन्होंने कहा कि इसी दौरान खिलाड़ी अपनी तकनीक, मानसिक मजबूती और पेशेवर रवैये को विकसित करता है।
उन्होंने सलाह दी कि वैभव को जल्दबाजी में बड़े लक्ष्य तय करने के बजाय हर मैच और हर अभ्यास सत्र से सीखते हुए आगे बढ़ना चाहिए।
शोहरत से ज्यादा खेल पर रखें ध्यान
रहाणे ने कहा कि कम उम्र में लोकप्रियता मिलना अच्छी बात है, लेकिन यदि खिलाड़ी उसका सही तरीके से सामना नहीं करता, तो यह उसके प्रदर्शन पर असर डाल सकती है।
उन्होंने वैभव को सलाह दी कि सोशल मीडिया, विज्ञापनों और बाहरी आकर्षण की बजाय अपने खेल, फिटनेस और निरंतर सुधार पर ध्यान देना अधिक जरूरी है।
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भारतीय क्रिकेट का उज्ज्वल भविष्य बन सकते हैं वैभव
रहाणे ने विश्वास जताया कि यदि वैभव सूर्यवंशी मेहनत, अनुशासन और सही मार्गदर्शन के साथ आगे बढ़ते हैं, तो वे आने वाले वर्षों में भारतीय क्रिकेट के बड़े सितारे बन सकते हैं।
उन्होंने कहा कि भारत में प्रतिभा की कमी नहीं है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लंबे समय तक सफल वही खिलाड़ी रहता है जो मानसिक रूप से मजबूत हो, सीखने की इच्छा रखता हो और अपने मूल्यों से जुड़ा रहे।
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युवा खिलाड़ियों के लिए भी बड़ा संदेश
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि अजिंक्य रहाणे की यह सलाह केवल वैभव सूर्यवंशी के लिए ही नहीं, बल्कि उन सभी युवा खिलाड़ियों के लिए महत्वपूर्ण है जो कम उम्र में सफलता हासिल कर रहे हैं। प्रतिभा के साथ धैर्य, अनुशासन, सही मार्गदर्शन और परिवार का सहयोग ही किसी खिलाड़ी को लंबी और सफल पारी खेलने में मदद करता है।
रहाणे का संदेश यही है कि सफलता का असली आधार केवल हुनर नहीं, बल्कि सही संस्कार, निरंतर मेहनत और मजबूत पारिवारिक समर्थन भी है।
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