
टाटा संस बुलाएगी बैठक, AGM की नई तारीख पर फैसला जल्द
कोरम अधूरा, टाटा की AGM पहली बार स्थगित
मुंबई। टाटा संस के बोर्ड की बैठक बहुत जल्द और संभवतः एक हफ्ते के भीतर बुलाई जा सकती है। इसमें मंगलवार को बैठक के लिए आवश्यक न्यूनतम सदस्यों की संख्या (कोरम) पूरी नहीं होने के कारण स्थगित हुई सालाना आम बैठक (एजीएम) की नई तारीख तय की जा सकती है। सूत्रों के अनुसार, टाटा समूह के वरिष्ठ कानूनी विशेषज्ञों की सलाह ली जा रही है ताकि टाटा ट्रस्ट्स की एक प्रमुख संस्था पर लगी रोक से पैदा हुए मौजूदा गतिरोध का समाधान निकाला जा सके। इस संस्था पर कथित तौर पर प्रशासनिक नियमों के उल्लंघन के कारण रोक लगाई गई है। मामला स्थायी सदस्यता से जुड़ा है।
टाटा संस की इस महीने होने वाली संभावित बैठक में चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन के 12 अगस्त के पत्र पर भी चर्चा हो सकती है। इस पत्र में उन्होंने कहा था कि वह तीसरे कार्यकाल के लिए अपना नाम आगे नहीं रखेंगे। हालांकि एक सूत्र के मुताबिक, बोर्ड इस बैठक में अपनी पहले की राय दोहरा सकता है कि चंद्रशेखरन को एक और कार्यकाल मिलना चाहिए।
टाटा संस, टाटा समूह की मुख्य धारक कंपनी है और इसकी स्थापना 1917 में निजी कंपनी के रूप में हुई थी। तब से अब तक कंपनी की कोई भी एजीएम न तो छूटी थी और न ही स्थगित हुई थी। ऐसे में मौजूदा स्थिति को अभूतपूर्व माना जा रहा है। इससे कंपनी के नेतृत्व को लेकर पहले से बनी अनिश्चितता और बढ़ गई है।
मंगलवार को दोपहर 2:30 बजे एजीएम के लिए मुंबई में मौजूद बॉम्बे हाउस में चंद्रशेखरन और कुछ अन्य बोर्ड सदस्य मौजूद थे। वहीं, टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन और टाटा संस के नामित निदेशक नोएल टाटा समेत कई अन्य निदेशक ऑनलाइन बैठक में शामिल हुए।
हालांकि, बैठक शुरू होने के कुछ ही समय बाद इसे स्थगित कर दिया गया क्योंकि जरूरी कोरम पूरा नहीं हो पाया। इसकी वजह यह थी कि टाटा ट्रस्ट्स की एक प्रमुख संस्था सर रतन टाटा ट्रस्ट्स (एसआरटीटी) पर इस साल की शुरुआत में महाराष्ट्र चैरिटी कमिश्नर ने रोक लगा दी थी।
चंद्रा ने 12 अगस्त को टाटा संस के बोर्ड सदस्यों को लिखे पत्र में कहा कि 20 फरवरी 2027 को कार्यकारी चेयरमैन के रूप में उनका दूसरा कार्यकाल खत्म होने के बाद वह आगे के कार्यविस्तार के लिए खुद को आगे नहीं करेंगे।
इसके एक दिन बाद, 13 अगस्त को मुख्य शेयरधारक टाटा ट्रस्ट्स के बोर्ड ने चंद्रशेखरन के उत्तराधिकारी की तलाश शुरू करने का प्रस्ताव पारित कर दिया जिस बोर्ड के चेयरमैन नोएल टाटा हैं। हालांकि टाटा संस के बोर्ड ने अभी तक इस मुद्दे पर बैठक नहीं की है। चंद्रशेखरन ही टाटा संस के निदेशक मंडल के चेयरमैन हैं।
मामले की जानकारी रखने वाले लोगों के अनुसार, टाटा संस के बोर्ड की बैठक सितंबर में होनी थी, लेकिन अब यह बैठक पहले ही बुलाई जा सकती है। एजीएम में चंद्रशेखरन के निदेशक पद के अलावा, कंपनी के वित्तीय खातों को मंजूरी दीजानी थी।




