UP संस्कृत बोर्ड के इंटर टॉपर की डिग्री रद्द, जन्मतिथि में गड़बड़ी से खुली पोल…

UP Sanskrit Board Topper: जन्मतिथि में गड़बड़ी की शिकायत पर पुलिस और डीआईओएस ने की जांच, रिपोर्ट के बाद परिषद ने रद्द की डिग्री; एक लाख की पुरस्कार राशि, टैबलेट और प्रशस्ति पत्र भी लौटाना होगा

Lucknow: उत्तर प्रदेश में संस्कृत शिक्षा परिषद के इंटरमीडिएट टॉपर से जुड़ा बड़ा मामला सामने आया है। उत्तर प्रदेश माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद ने उत्तर मध्यमा के टॉपर की डिग्री निरस्त कर दी है। यह कार्रवाई शैक्षिक अभिलेखों में दर्ज जन्मतिथि को लेकर हुई शिकायत और उसके बाद कराई गई जांच के आधार पर की गई है।

डिग्री निरस्त होने के साथ ही टॉपर को मिली एक लाख रुपये की पुरस्कार राशि, टैबलेट और प्रशस्ति पत्र भी वापस लिया जाएगा। इस मामले की जांच पुलिस और जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) स्तर से कराई गई थी।

जन्मतिथि को लेकर हुई थी शिकायत
बताया गया कि उत्तर मध्यमा के टॉपर के शैक्षिक रिकॉर्ड में दर्ज जन्मतिथि को लेकर शिकायत की गई थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए संबंधित दस्तावेजों की जांच कराई गई। पुलिस और डीआईओएस की जांच रिपोर्ट में गड़बड़ी सामने आने के बाद परिषद ने कार्रवाई का निर्णय लिया।

जांच रिपोर्ट के आधार पर परिषद ने टॉपर के परिणाम और प्रमाणपत्र से संबंधित रिकॉर्ड की समीक्षा की। इसके बाद उसकी डिग्री निरस्त कर दी गई।

टॉपर को मिले पुरस्कार भी होंगे वापस
उत्तर मध्यमा में टॉप करने के बाद छात्र को सम्मानित करते हुए एक लाख रुपये की पुरस्कार राशि, टैबलेट और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया था। अब डिग्री निरस्त होने के बाद इन सभी को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

परिषद की कार्रवाई के तहत संबंधित छात्र से पुरस्कार राशि वापस लेने के साथ टैबलेट और प्रशस्ति पत्र भी वापस लिया जाएगा। इससे टॉपर को मिला सम्मान और उससे जुड़े लाभ भी समाप्त हो जाएंगे।

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जांच के बाद परिषद ने लिया फैसला
परिषद ने यह कार्रवाई सीधे तौर पर शिकायत के बाद कराई गई जांच के आधार पर की है। मामले में सामने आए दस्तावेजों और जांच रिपोर्ट को आधार बनाकर डिग्री निरस्त करने का निर्णय लिया गया।

इस कार्रवाई से यह भी साफ है कि परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद भी यदि किसी छात्र के दस्तावेजों में गंभीर गड़बड़ी सामने आती है तो संबंधित बोर्ड या परिषद रिकॉर्ड की दोबारा जांच कर सकता है और आवश्यक कार्रवाई कर सकता है।

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संस्कृत शिक्षा परिषद की व्यवस्था पर उठे सवाल
इंटर टॉपर की डिग्री निरस्त होने के बाद उत्तर प्रदेश माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद की परीक्षा और दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया पर भी सवाल उठ रहे हैं। खास तौर पर यह चर्चा हो रही है कि टॉपर के रिकॉर्ड में दर्ज जन्मतिथि की गड़बड़ी अंतिम परिणाम और सम्मान दिए जाने से पहले क्यों नहीं पकड़ी गई।

फिलहाल परिषद ने जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई कर दी है। अब एक लाख रुपये, टैबलेट और प्रशस्ति पत्र वापस लेने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। मामले से जुड़े अन्य पहलुओं पर भी संबंधित स्तर पर कार्रवाई की जा सकती है।

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