कांग्रेस कार्यालय खाली कराकर किया गया सील, नजूल जमीन को लेकर प्रशासन सख्त

नजूल जमीन पर बने कार्यालय को खाली कराने का नोटिस, हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद प्रशासन ने की सीलिंग की कार्रवाई।

Sitapur: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। सीतापुर में प्रशासन ने शनिवार को कांग्रेस के शहर कार्यालय को खाली कराकर सील कर दिया। यह कार्यालय घंटाघर स्थित इमारत में संचालित हो रहा था। प्रशासन की कार्रवाई के दौरान मौके पर बड़ी संख्या में अधिकारी और पुलिसकर्मी मौजूद रहे।

प्रशासन ने क्यों सील किया कांग्रेस कार्यालय?
प्रशासन के मुताबिक, जिस जगह पर कांग्रेस का कार्यालय संचालित हो रहा था, वह नजूल जमीन पर बनी हुई है। नगर पालिका की ओर से कांग्रेस कार्यालय को पहले ही जगह खाली करने का नोटिस दिया गया था।

बताया गया है कि नगर पालिका ने 4 जुलाई 2026 को कांग्रेस कार्यालय को नोटिस जारी कर परिसर खाली करने के निर्देश दिए थे। प्रशासन का यह भी दावा है कि लंबे समय से इस जगह का किराया नहीं चुकाया गया था।

हाईकोर्ट से भी नहीं मिली राहत
नगर पालिका के नोटिस के बाद कांग्रेस ने प्रशासन की कार्रवाई के खिलाफ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हालांकि, वहां से पार्टी को तत्काल राहत नहीं मिली। इसके बाद प्रशासन की ओर से निर्धारित समय पूरा होने के बाद शनिवार को कार्रवाई की गई।

अधिकारियों की टीम कांग्रेस कार्यालय पहुंची और पहले परिसर को खाली कराया। इसके बाद कार्यालय पर ताला लगाकर उसे प्रशासन ने अपने कब्जे में ले लिया।

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कार्रवाई से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नाराजगी
कांग्रेस कार्यालय सील किए जाने की कार्रवाई के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखने को मिली। कार्यकर्ताओं ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। वहीं, प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई पहले जारी किए गए नोटिस और निर्धारित प्रक्रिया के तहत की गई है।

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विधानसभा चुनाव से पहले बढ़ी कांग्रेस की मुश्किलें
उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सीतापुर में कांग्रेस कार्यालय सील किए जाने की कार्रवाई राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। एक तरफ प्रशासन इसे जमीन और किराये से जुड़ा प्रशासनिक मामला बता रहा है, जबकि दूसरी तरफ कांग्रेस कार्यकर्ताओं में इस कार्रवाई को लेकर असंतोष है।

फिलहाल, सीतापुर कांग्रेस कार्यालय पर प्रशासन का कब्जा है और पूरे मामले को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है।

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