
देश में बढ़ रहा स्वाइन फ्लू ,सरकार ने बुलाई हाई-लेवल मीटिंग
UP में अलर्ट जारी, H-1N-1 के मामले तेजी से बढ़े
जनवरी से अब तक 13 मरीज मिले
दिल्ली। देश में स्वाइन फ्लू (एच1एन1) के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इस साल दिल्ली में इन्फ्लुएंजा-ए के 2,300 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। इनमें शुक्रवार तक एच1एन1 के 1,777 से अधिक मामले शामिल हैं। वहीं, हस्वास्थ्य विभाग के अनुसार, अकेले गुरुवार को 114 नए एच1एन1 मरीज मिले। वहीं, स्वाइन फ्लू के मामले बढ़ने के बीच दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज सिंह ने एक उच्च-स्तरीय बैठक बुलाई है। बैठक में मौजूदा हालात की समीक्षा और रोकथाम व नियंत्रण के उपायों पर चर्चा हो रही है।
दिल्ली सरकार ने लोगों से अपील की है कि स्वच्छता का ध्यान रखें, भीड़-भाड़ वाली जगहों से बचें, खांसते-छींकते समय मुंह-नाक ढकें, साबुन से हाथ धोएं और जरूरत पड़ने पर मास्क पहनें। अस्पतालों में पर्याप्त बेड, डॉक्टर, दवाएं और उपकरण उपलब्ध हैं। 35 अस्पतालों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। सरकार स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है।इन दिनों बुखार और वायरल के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। दिल्ली में किए गए सर्वे में 54 फीसदी घरों में कम से कम एक व्यक्ति को बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना या शरीर में दर्द जैसे फ्लू और वायरल फीवर से पीड़ित हैं। वहीं, 23 फीसदी घरों में चार या उससे अधिक लोग एक साथ इन लक्षणों से परेशान हैं। लोकलसर्किल्स की ओर से किए गए इस सर्वे में दिल्ली समेत एनसीआर के लोगों से 32 हजार से अधिक प्रतिक्रियाएं मिलीं। सर्वे में 32,643 लोगों ने बताया कि उनके घर में इस समय कितने लोग फ्लू या वायरल बुखार जैसे लक्षणों से परेशान हैं।सर्वे के अनुसार, 46 फीसदी लोगों ने बताया कि उनके घर में किसी को भी ऐसे लक्षण नहीं हैं। वहीं, 15 फीसदी घरों में एक व्यक्ति, 16 फीसदी में दो से तीन लोग और 23 फीसदी घरों में चार या उससे अधिक लोग ऐसे लक्षणों से पीड़ित हैं। यानी कुल 39 फीसदी घरों में दो या उससे अधिक सदस्य एक ही समय में बीमार हैं।
वहीं उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्वाइन फ्लू को लेकर प्रदेश में अलर्ट जारी किया गया है। मानसून और उमस भरे मौसम के कारण इसके मामलों में तेजी से उछाल आया है। प्रदेश में इसके 337 मामले सामने आ चुके हैं। हालांकि, लखनऊ में थोड़ी राहत है। यहां जनवरी से अब तक 13 मरीज मिले हैं। फिर भी स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, मौसम में बदलाव के दौरान वायरल संक्रमण के मामले बढ़ते हैं। स्वाइन फ्लू भी संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या सांस के साथ निकलने वाली संक्रमित बूंदों से फैल सकता है। शुरुआत में इसके लक्षण सामान्य सर्दी-जुकाम जैसे ही नजर आते हैं। ऐसे में लगातार लक्षण बने रहने या स्थिति बिगड़ने पर डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।





