
NHAI टोल प्लाजा फर्जीवाड़े पर ED का एक्शन, UP-दिल्ली समेत 7 राज्यों में छापेमारी
फर्जी तरीके से टोल वसूली मामले में ED ने 2 सितंबर को बड़ी कार्रवाई की. PMLA के तहत 14 ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान शुरू किया।
NHAI Toll Plaza Fraud: भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के विभिन्न टोल प्लाजा पर धोखाधड़ी से टोल टैक्स वसूलने और करोड़ों रुपये के हेरफेर के मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है।
बुधवार (2 सितंबर 2026) सुबह ईडी की टीमों ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत देश के 7 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में स्थित 14 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की।
इन राज्यों में चल रही ED की कार्रवाई
ईडी की लखनऊ जोनल इकाई ने पुलिस एफआईआर और दर्ज ईसीआईआर (ECIR) के आधार पर यह कार्रवाई शुरू की है। जांच एजेंसी की टीमें जिन प्रमुख राज्यों में तलाशी अभियान चला रही हैं, उनमें शामिल हैं उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, जम्मू और कश्मीर और पश्चिम बंगाल (कोलकाता)।
फर्जी टोल पर्ची और पैसों का डायवर्जन
ईडी की शुरुआती जांच और फॉरेंसिक रिपोर्ट में एक बड़े घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। टोल प्लाजा पर टोल कलेक्शन का डेटा छिपाने और फर्जी रसीदें (Fake Toll Receipts) काटने के लिए अनधिकृत सॉफ्टवेयर एप्लिकेशन का इस्तेमाल किया जा रहा था।
फर्जी पर्चियों के जरिए मिलने वाले टोल के पैसों को एनएचएआई के आधिकारिक अकाउंटिंग सिस्टम में दर्ज करने के बजाय निजी खातों में डायवर्ट किया जा रहा था। फॉरेंसिक परीक्षा और NHAI के आधिकारिक रिकॉर्ड के मिलान में भी इस अवैध सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल और वित्तीय गड़बड़ी की पुष्टि हुई है।
मुख्य आरोपियों की तलाश जारी
जांच अधिकारियों के अनुसार, इस बहुराज्यीय छापेमारी का मुख्य उद्देश्य मामले से जुड़े डिजिटल और दस्तावेजी सबूतों को जब्त करना, अवैध कमाई से लाभ उठाने वाले लाभार्थियों की पहचान करना और अपराध से हासिल की गई रकम (Proceeds of Crime) का सुराग लगाना है।
एजेंसी को आशंका है कि इस फर्जीवाड़े के जरिए सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये का चूना लगाया गया है, जिसमें कई निजी टोल कलेक्शन कंपनियों और अधिकारियों की मिलीभगत हो सकती है।





