स्वरा भास्कर के जौहर वाले बयान पर भड़की करणी सेना, दे डाली खुली चुनौती

Swara Bhaskar Jauhar Remark: बॉलीवुड अभिनेत्री स्वरा भास्कर (Swara Bhaskar) द्वारा फिल्म पद्मावत के ‘जौहर’ सीन पर दी गई हालिया टिप्पणी के बाद विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। स्वरा के इस बयान पर राजस्थान में करणी सेना ने कड़ी आपत्ति जताई है और उनके खिलाफ तीखा रुख अपनाया है।

करणी सेना की महिला विंग की राष्ट्रीय अध्यक्ष कीर्ति राठौड़ ने स्वरा भास्कर को इतिहास की समझ सुधारने की सलाह देते हुए  खुली चुनौती दी है कि यदि उनमें हिम्मत है तो वे इस्लाम धर्म की ‘निकाह हलाला’ प्रथा पर सवाल उठाकर दिखाएं।

क्या है पूरा विवाद?

हाल ही में दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान स्वरा भास्कर ने फिल्म पद्मावत (2018) के जौहर दृश्य का जिक्र करते हुए चिंता जताई थी। उन्होंने सवाल उठाया था कि ऐसे दृश्यों का उन महिलाओं पर क्या असर पड़ेगा जो यौन हिंसा का शिकार रही हैं।

स्वरा भास्कर ने कहा था “फिल्म में 800 महिलाओं को जौहर करते दिखाया गया है। इसे देखकर विचार आता है कि अगर भगवान न करे मैं किसी रेप से गुजरी होती, तो यह फिल्म मुझे क्या संदेश देती? क्या यह यह संदेश देती कि अपनी ‘इज्जत’ बचाने के लिए आत्महत्या न करके मैंने कायरता दिखाई?”

स्वरा के इस बयान को कई लोगों और सामाजिक संगठनों ने राजपूत वीरांगनाओं के ऐतिहासिक बलिदान और शौर्य का अपमान माना, जिसके बाद सोशल मीडिया से लेकर धरातल तक उनका विरोध शुरू हो गया।

करणी सेना की तीखी प्रतिक्रिया 

करणी सेना की नेता कीर्ति राठौड़ ने कहा कि राजपूत क्षत्राणियों का इतिहास अत्यंत गौरवशाली रहा है। रानी पद्मिनी और हजारों वीरांगनाओं का जौहर कायरता नहीं, बल्कि आक्रांताओं के खिलाफ अपने स्वाभिमान और आत्मसम्मान की रक्षा के लिए दिया गया सर्वोच्च बलिदान था।

करणी सेना ने स्पष्ट किया कि सनातन संस्कृति और वीरांगनाओं के त्याग पर बिना सोचे-समझे या बिना ऐतिहासिक संदर्भ समझे टिप्पणी करना स्वीकार्य नहीं है।

कीर्ति राठौड़ ने स्वरा भास्कर को चुनौती देते हुए कहा “अगर स्वरा भास्कर को समाज सुधार और कुप्रथाओं पर ही बोलना है, तो वे पहले अपने अंदर झांकें और हलाला प्रथा पर सवाल उठाएं। हमारी पूजनीय क्षत्राणियों के बलिदान को गलत शब्दों से संबोधित करने का अधिकार किसी को नहीं है।”

स्वरा भास्कर की सफाई

चौतरफा घिरने और सोशल मीडिया पर भारी ट्रोलिंग के बाद स्वरा भास्कर ने सोशल मीडिया पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है।

और उन्होंने रानी पद्मावती या सती प्रथा को कभी ‘कायर’ नहीं कहा, बल्कि वे केवल रेप सर्वाइवर्स के जीने के अधिकार और सम्मान पर बात कर रही थीं। हालांकि, करणी सेना और विभिन्न राजपूत संगठनों की मांग है कि स्वरा भास्कर अपनी टिप्पणी पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगें।

Back to top button