Mall की महिलाओं की नई उड़ान: स्वयं सहायता समूह से जुड़कर बनीं आत्मनिर्भर…

RURAL LIVELIHOOD MISSION: राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से मिला आर्थिक सहारा, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने शुरू किए रोजगार; चेता दुकान चलाकर तो शिवरानी बकरी पालन से बढ़ा रहीं आमदनी।

Lucknow: लखनऊ के माल विकास खंड की ग्राम पंचायत गौरैया में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़कर महिलाएं आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही हैं। स्वयं सहायता समूह से मिली आर्थिक मदद और नियमित बचत ने ग्रामीण महिलाओं को रोजगार शुरू करने का अवसर दिया है। सरस्वती आजीविका स्वयं सहायता समूह की सदस्य चेता और शिवरानी इसकी मिसाल बनी हैं।

करीब नौ साल पहले गठित इस स्वयं सहायता समूह में 12 महिलाएं शामिल हैं। समूह की सदस्य हर दिन 10 रुपये की बचत करती हैं। समूह से जुड़ने से पहले इन महिलाओं के पास आय का कोई स्थायी साधन नहीं था, लेकिन अब वे छोटे-छोटे रोजगार शुरू कर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं।

समूह से मिली मदद, बेटी की शादी में भी काम आई
चेता ने बताया कि स्वयं सहायता समूह से उन्हें करीब पांच साल पहले बेटी की शादी के लिए 50 हजार रुपये की आर्थिक मदद मिली थी। उन्होंने यह रकम समय पर चुका दी। इसके बाद उन्होंने समूह से 20 हजार रुपये का दोबारा ऋण लिया और गांव में छोटी गुमटी की दुकान शुरू कर दी।

अब चेता इसी दुकान से होने वाली आमदनी से अपने परिवार का खर्च चलाने में सहयोग कर रही हैं। उनका कहना है कि समूह से जुड़ने के बाद उन्हें आर्थिक रूप से आगे बढ़ने का रास्ता मिला।

शिवरानी ने शुरू किया बकरी पालन
इसी समूह की सदस्य शिवरानी ने भी आर्थिक सहायता का इस्तेमाल रोजगार शुरू करने में किया। उन्होंने बकरी पालन का काम शुरू किया है। इससे उन्हें घर बैठे आमदनी का जरिया मिला है और परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने में मदद मिल रही है।

सामूहिक प्रयास से आत्मनिर्भर बन रहीं महिलाएं
सरस्वती आजीविका स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं बचत और सामूहिक आर्थिक गतिविधियों के जरिए आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। सरकारी योजनाओं के माध्यम से मिलने वाली सहायता से महिलाएं अपनी जरूरतों के साथ-साथ परिवार की जिम्मेदारियों को भी बेहतर तरीके से पूरा कर पा रही हैं।

महिलाओं का कहना है कि स्वयं सहायता समूह और सरकार की ओर से संचालित योजनाओं ने उन्हें रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ा है और वे आर्थिक रूप से मजबूत बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

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