Satish Mahana से मिली ओडिशा विधानसभा की समिति, विधायी कामकाज पर हुई चर्चा

UP Vidhan Sabha: ओडिशा विधानसभा की वर्ष 2026-27 की स्टैंडिंग कमेटी ने लखनऊ में यूपी विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना से मुलाकात की, दोनों राज्यों की संसदीय परंपराओं और विधायी समितियों के कामकाज पर हुई चर्चा

Lucknow: ओडिशा विधानसभा की वर्ष 2026-27 की स्टैंडिंग कमेटी के अध्यक्ष बाबू सिंह के नेतृत्व में समिति के सदस्यों ने गुरुवार को उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना से मुलाकात की। इस दौरान दोनों राज्यों की विधानसभाओं की कार्यप्रणाली, संसदीय परंपराओं और विधायी समितियों की भूमिका को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।

ओडिशा विधानसभा की स्टैंडिंग कमेटी के इस अध्ययन भ्रमण को दोनों राज्यों की संसदीय व्यवस्थाओं और विधायी प्रक्रियाओं को समझने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। समिति के सदस्य भुवनेश्वर से वाराणसी होते हुए लखनऊ पहुंचे हैं।

सतीश महाना ने किया ओडिशा विधानसभा समिति का स्वागत
उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने ओडिशा विधानसभा की स्टैंडिंग कमेटी के सदस्यों का स्वागत किया। बैठक के दौरान उन्होंने लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने में विधानमंडलीय समितियों के महत्व पर प्रकाश डाला।

सतीश महाना ने कहा कि विधानसभाएं केवल कानून बनाने का मंच नहीं हैं, बल्कि जनहित से जुड़े मुद्दों पर गंभीर विचार-विमर्श और सरकार के कामकाज की समीक्षा का भी महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने संसदीय संस्थाओं के बीच संवाद और अनुभवों के आदान-प्रदान को लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उपयोगी बताया।

ओडिशा विधानसभा समिति में कौन-कौन शामिल?
ओडिशा विधानसभा की वर्ष 2026-27 की स्टैंडिंग कमेटी में अध्यक्ष बाबू सिंह के साथ विधायक डॉ. ब्योमकेश राय, मानस कुमार दत्ता, सुनील कुमार महंती और नीलमाधव हिकाका समेत अन्य सदस्य शामिल हैं।

समिति के साथ ओडिशा विधानसभा के डेस्क ऑफिसर ईश्वर चंद्र नायक तथा ओएसडी-कम-ज्वाइंट सेक्रेटरी (रिपोर्टिंग) निरंजन कर भी मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें…

सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित हो:MLC

वाराणसी के रास्ते लखनऊ पहुंची समिति
ओडिशा विधानसभा की स्टैंडिंग कमेटी उत्तर प्रदेश के अध्ययन भ्रमण पर है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार समिति के सदस्य भुवनेश्वर से वाराणसी होते हुए लखनऊ पहुंचे। लखनऊ में उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष से मुलाकात के बाद समिति वाराणसी होते हुए वापस भुवनेश्वर लौटेगी।

इस अध्ययन भ्रमण के दौरान समिति उत्तर प्रदेश विधानसभा की कार्यप्रणाली और विधायी समितियों के कामकाज को समझेगी। साथ ही दोनों राज्यों की संसदीय परंपराओं और विधायी व्यवस्थाओं के बीच अनुभव साझा करने का अवसर भी मिलेगा।

यह भी पढ़ें…

Mall की महिलाओं की नई उड़ान: स्वयं सहायता समूह से जुड़कर बनीं आत्मनिर्भर…

विधानमंडलीय समितियों की भूमिका पर जोर
बैठक में विधानमंडलीय समितियों की भूमिका को लेकर भी चर्चा हुई। संसदीय व्यवस्था में समितियां विभिन्न विषयों की गहन समीक्षा, सरकारी कार्यों की निगरानी और जनहित से जुड़े मामलों पर विस्तृत विचार-विमर्श का महत्वपूर्ण माध्यम मानी जाती हैं।

ओडिशा विधानसभा की स्टैंडिंग कमेटी का उत्तर प्रदेश दौरा इसी तरह के अनुभवों को समझने और दोनों राज्यों की विधानसभाओं के बीच संस्थागत संवाद को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

यह भी पढ़ें…

Mayawati को अब तक आकाश पर भरोसा नहीं!

Back to top button