
सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित हो:MLC
लखनऊ। उत्तर प्रदेश नजूल संपत्ति (लोक प्रयोजनार्थ प्रबन्ध और उपयोग) विधेयक, 2024 को लेकर आज माननीय मुख्यमंत्री जी की अध्यक्षता में आयोजित प्रवर समिति की बैठक में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा नामित सदस्य एवं विधान परिषद सदस्य आशुतोष सिन्हा ने विधेयक की विभिन्न धाराओं में व्यापक संशोधन के प्रस्ताव प्रस्तुत किए।
आशुतोष सिन्हा ने कहा कि नजूल संपत्तियों के संबंध में ऐसा कानून बनाया जाना आवश्यक है, जिसमें वर्षों से वैध रूप से रह रहे नागरिकों, पट्टेदारों, गरीब एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के हितों की रक्षा के साथ-साथ सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित हो। उन्होंने विधेयक की विभिन्न धाराओं में संशोधन रखते हुए न्यायालयों में लंबित मामलों, पुराने पट्टेदारों के अधिकार, फ्रीहोल्ड संपत्तियों, बेदखली, मुआवजा, पुनर्वास, अधिकारियों के विवेकाधीन अधिकार तथा नजूल भूमि के भविष्य में उपयोग और आवंटन में पारदर्शिता सहित कई महत्वपूर्ण विषयों को समिति के समक्ष रखा। श्री सिन्हा ने विशेष रूप से मांग की कि बिना वास्तविक और प्रमाणित आंकड़ों के प्रदेश में नजूल संपत्तियों को लेकर कोई भी व्यापक नीति बनाना उचित नहीं होगा। उन्होंने सरकार से प्रदेश की नजूल संपत्तियों का जिलेवार एवं तथ्यात्मक विवरण समिति के समक्ष प्रस्तुत किए जाने की मांग की।
श्री आशुतोष सिन्हा ने कहा कि नजूल संपत्ति सार्वजनिक संपत्ति है और इसकी सुरक्षा तथा पारदर्शी उपयोग सरकार की जिम्मेदारी है। लेकिन इसके नाम पर दशकों से वैध रूप से रह रहे लोगों, पट्टेदारों एवं कमजोर वर्ग के लोगों के हितों की अनदेखी भी नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि कानून ऐसा होना चाहिए जो सरकारी संपत्ति को अवैध कब्जे से बचाए, भ्रष्टाचार और मनमानी पर रोक लगाए तथा आम नागरिकों के वैध अधिकारों और न्यायिक प्रक्रिया की भी पूरी रक्षा करे। प्रवर समिति में उनका प्रयास रहेगा कि नजूल विधेयक में ऐसी स्पष्ट और पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित हो, जिससे सरकारी संपत्ति की रक्षा के साथ-साथ आम नागरिकों को न्याय, सुनवाई, मुआवजा एवं पुनर्वास का अधिकार प्राप्त हो और अधिकारियों को मनमाने निर्णय की कोई गुंजाइश न रहे।





