
नशीली दवाओं के सिंडिकेट का भंडाफोड़, राजधानी में 1 करोड़ की खेप बरामद
Lucknow News: राजधानी लखनऊ के ट्रांसपोर्ट नगर में नशीली दवाओं के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर लगभग 1 करोड़ रुपये कीमत की नशीली और प्रतिबंधित दवाओं की बड़ी खेप जब्त की है।
कार्रवाई के दौरान टीम ने मौके से 228 किलोग्राम वजनी दवाओं के साथ 6 तस्करों को गिरफ्तार किया है।
प्रतिबंधित दवाओं बरामदगी
संयुक्त टीम ने छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में प्रतिबंधित दवाएं जब्त की हैं। इस कार्रवाई में एल्जोमैक-0.5 (Alprazolam) की करीब 9.60 लाख (9,60,000) टैबलेट्स और स्पैसमोनाम प्लस (Tramadol HCl) के 1.20 लाख (1,20,000) कैप्सूल बरामद किए गए हैं। इसके अलावा ओनेरेक्स (Codeine Syrup) 100 एमएल की 720 बोतलें, तस्करों के पास से 7 मोबाइल फोन और 11,140 रुपये नकद भी जब्त किए गए हैं।
बोरी में छिपाकर डिलीवरी
एएनटीएफ को सूचना मिली थी कि ट्रांसपोर्ट नगर में नशीली दवाओं की बड़ी खेप डिलीवर होने वाली है। निगरानी के दौरान टीम ने 3 लोगों को कार्टन से दवाएं निकालकर बोरियों में छिपाते हुए पकड़ा। मौके से किशन वासवानी, समीर अहमद और शाद इरशाद को दबोचा गया। औषधि निरीक्षकों ने मौके पर ही दवाओं के नमूने जांच के लिए भेज दिए।
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कन्हैया फार्मा की आड़ में खेल
पूछताछ में सामने आया कि ये दवाएं कन्हैया फार्मा के संचालक उमेश कुमार से ली गई थीं। इसके बाद पुलिस ने उमेश कुमार और सतेन्द्र सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया।
जांच में खुलासा हुआ कि उमेश कुमार नशीली दवाओं की अवैध बिक्री छिपाने के लिए सतेन्द्र सिंह की फर्म के दस्तावेजों का इस्तेमाल कर फर्जी बिलिंग करता था, जिसके बदले सतेन्द्र को कमीशन दिया जाता था। अनियमितताएं मिलने के बाद कन्हैया फार्मा को सील कर दिया गया है।
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इन फर्मों से चल रहा था नेटवर्क
पकड़े गए आरोपी शाद इरशाद की निशानदेही पर विशाल चौरसिया को भी गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में विशाल ने कबूला कि अफीम/कोडीन के एक पुराने मामले में उसका दवा लाइसेंस निरस्त हो चुका था, जिसके बाद वह अन्य आड़ वाली फर्मों के जरिए इस अवैध कारोबार को चला रहा था।
पुलिस ने सभी 6 आरोपियों किशन वासवानी, समीर अहमद, शाद इरशाद, उमेश कुमार, सतेन्द्र सिंह और विशाल चौरसिया के खिलाफ सरोजनी नगर थाने में एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जेल भेज दिया है।
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