
गोंडा DM को हाईकोर्ट में पेश होने का आदेश, वेतन से वसूला जाएगा हर्जाना
UP News: इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने अदालती आदेशों की अवहेलना और प्रशासनिक सुस्ती पर बेहद कड़ा रुख अपनाया है। न्यायमूर्ति जसप्रीत सिंह की एकल पीठ ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए समय पर निर्देश न देने और गैरहाजिरी के चलते गोंडा के जिलाधिकारी (DM) पर 5,000 रुपये का हर्जाना ठोक दिया है।
अदालत ने यह स्पष्ट आदेश दिया है कि हर्जाने की यह राशि जिलाधिकारी को अपने व्यक्तिगत वेतन से जमा करनी होगी। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई पर गोंडा डीएम को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट के समक्ष हाजिर होने का भी कड़ा निर्देश जारी किया है।
सरकारी वकील के जवाब से असंतुष्ट कोर्ट
17 अगस्त 2026 को कोर्ट ने सरकारी वकील को संबंधित मामले में निर्देश प्राप्त करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया था। साथ ही कहा था कि निर्देश नहीं आने पर मामले के पक्षकार गोंडा के जिलाधिकारी 8 सितंबर को कोर्ट में पेश होंगे।
मंगलवार को सुनवाई के दौरान सरकारी वकील की निर्देश न मिलने की बात पर कोर्ट ने पूछा कि अधिकारी क्यों मौजूद नहीं है। सरकारी वकील इसका स्पष्ट जवाब नहीं दे सके।
ये भी पढ़े-इतनी फोर्स बुलाउंगा, ठंडा कर दूंगा… यूनिवर्सिटी के बच्चों को धमका रहे गोरखपुर के दारोगा
वेतन से जमा करना होगा जुर्माना
अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि जिम्मेदार अधिकारी की लापरवाही और सुस्ती के कारण अदालत का कीमती समय व्यर्थ हुआ है और सुनवाई को टालना पड़ा है। इसी के मद्देनजर हाईकोर्ट ने गोंडा जिलाधिकारी के वेतन से 5 हजार रुपये की कटौती कर हर्जाना जमा कराने का आदेश सुनाया।
अदालत ने अगली सुनवाई तय करते हुए निर्देश दिया है कि जिलाधिकारी बिना किसी बहाने के कोर्ट के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें।
ये भी पढ़े-CM योगी आज वाराणसी में 10 हजार महिलाओं को करेंगे सम्मानित, सुरक्षा के कड़े इंतजाम





