अंतिम सफर पर निकले कल्याण सिंह, राजकीय सम्मान के साथ आज होगा अंतिम संस्कार

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लखनऊ। भारतीय राजनीति के पुरोधाओं में से एक कल्याण सिंह अब अपने अंतिम सफर पर हैं। भारतीय जनता पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से एक उप्र के पूर्व मुख्यमंत्री और राजस्थान के पूर्व राज्यपाल कल्याण सिंह का शनिवार को लखनऊ के संजय गांधी पीजीआइ में निधन हो गया।

सीएम योगी आदित्यनाथ पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की पार्थिव शरीर को लेकर आज लखनऊ से अलीगढ़ पहुंचे।

रविवार की शाम उनकी पार्थिव देह राजकीय सम्मान के साथ अलीगढ़ के अहिल्याबाई होल्कर स्टेडियम लाई गई तो पूरा माहौल जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा।

उनके अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। अलीगढ़ में आज सोमवार शाम को राजकीय सम्मान के साथ कल्याण सिंह की पार्थिव देह की अंत्येष्टि की जाएगी।

सीएम योगी आदित्यनाथ लखनऊ में भाजपा कार्यालय से कल्याण सिंह की पार्थिव देह को लेकर अमौसी एयरपोर्ट पहुंचे।

वहां पर राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र ने कल्याण सिंह को श्रद्धा सुमन अर्पित किया। इस अवसर पर कल्याण सिंह के सांसद पुत्र राजवीर सिंह तथा उनकी पत्नी भी थीं।

यहां से पूर्व सीएम कल्याण सिंह की पार्थिव देह एयर एंबुलेंस से शाम पांच बजे के करीब अलीगढ़ के धनीपुर मिनी एयरपोर्ट पर पहुंची। एयर एंबुलेंस में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह भी मौजूद रहे।

पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के पार्थिव देह को अलीगढ़ के अहिल्याबाई होलकर स्टेडियम लाया गया है। यहां अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।

प्रदेश से लेकर केंद्र तक कई बड़े नेता भी यहां पहुंच गए हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भी अलीगढ़ आए हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज हर राम भक्त एक प्रखर राष्ट्रभक्त है। राम भक्त कल्याण सिंह के भौतिक अवसान पर सभी शोकाकुल हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह आज हमारे बीच में नहीं हैं। सार्वजनिक जीवन में उन्होंने अलीगढ़ में लगभग सात दशक व्यतीत किए।

यूपी की राजनीति को कभी जाति के नाम पर, क्षेत्र, मत और मजहब के नाम पर माफिया और अपराधियों ने जकड़ ली थी। आकंठ भ्रष्टाचार में डूबी हुई थी।

कभी सेकुलरिज्म के नाम पर, भारत की सनातन आस्था के नाम पर, कुछ दलों ने अपना एकमात्र एजेंडा बना लिया था।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कल्याण सिंह को जब अवसर मिला तो शासन की धमक और इकबाल का परिचय देते हुए उन्होंने सनातन आस्था को मजबूती के साथ प्रस्तुत किया।

उनको यह कहने में जरा भी हिचक नहीं हुई कि मर्यादा पुरुषोत्तम राम के लिए वह सत्ता को एक बार नहीं, बार-बार ठोकर मार सकते हैं।

पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी से प्रेरणा प्राप्त कर उन्होंने कार्यक्रम बनाएं, योजनाएं बनाईं और भयमुक्त दंगा मुक्त परिकल्पना को साकार किया।

वर्तमान में भी उनके द्वारा किए गए कार्यों और प्रयासों से हम सभी को सीख प्राप्त हो रही है। सीएम अलीगढ़ आए हुए हैं। उन्होंने स्टेडियम में कल्याण सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की।

इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के पुत्र व एटा सांसद राजवीर सिंह उर्फ राजू भैया स्टेडियम में अचानक चक्कर आने से गिर गए। उनके हाथ में फ्रैक्चर आया है।

स्टेडियम में कल्याण सिंह की पार्थिव देह अंतिम दर्शन के लिए रखी गई है। इसके चलते यहां अब तक भीड़ लगी हुई है।

इससे पहले कल्याण सिंह का अंतिम दर्शन करने विधान भवन में विपक्षी दलों के नेता भी बड़ी संख्या में पहुंचे। इनमें समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव भी थे।

विधान भवन के हाल में सभी अपने लोकप्रिय तथा जनप्रिय नेता की अंतिम झलक पाने को आतुर थे। यहां पर दलगत भावना भी टूटती दिखीं।

समाजवादी पार्टी के साथ ही बहुजन समाज पार्टी, कांग्रेस, राष्ट्रीय लोकदल तथा अन्य पार्टियों के विधायक तथा नेताओं ने कल्याण सिंह को श्रद्धांजलि दी।

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उनकी पार्थिव देह को रात उनके पौत्र और योगी सरकार में मंत्री संदीप सिंह के सरकारी आवास पर रखा गया।

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बाद देश के रक्षा मंत्री और लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह भी कल्याण सिंह का अंतिम दर्शन करने लखनऊ पहुंचे।

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उनके साथ योगी आदित्यनाथ सरकार के कैबिनेट मंत्री ब्रजेश पाठक भी थे। राजनाथ सिंह ने कल्याण सिंह की पार्थिव देह का नमन किया।

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