
‘रामदेव मिलावटखोरों के सम्राट’, पतंजलि मानहानि केस पर बृजभूषण सिंह का पलटवार
Patanjali Defamation Case: भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष और भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने योग गुरु बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि द्वारा ठोके गए 50 करोड़ रुपये के मानहानि मुकदमे पर तीखा पलटवार किया है।
अयोध्या क्षेत्र में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने बेबाक अंदाज में कहा कि अगर इस मामले में उन्हें जेल भी जाना पड़े, तो वे जमानत नहीं करवाएंगे। बृजभूषण ने कहा कि उनके जेल जाने से देश भर में मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ कम से कम एक बड़ी जनजागरूकता जरूर फैलेगी।
नकली घी वाले बयान से शुरू हुआ विवाद
पूरे विवाद की शुरुआत साल 2022 में हुई थी, जब बृजभूषण शरण सिंह ने एक सार्वजनिक मंच से पतंजलि के घी को ‘नकली’ बताते हुए लोगों से घर में गाय-भैंस पालने और शुद्ध दूध-घी का इस्तेमाल करने की अपील की थी। इस बयान के खिलाफ पतंजलि फूड्स लिमिटेड ने मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित अदालत में 50 करोड़ रुपये का मानहानि का मुकदमा दायर किया। कंपनी का दावा है कि पूर्व सांसद के बयान से उनकी ब्रांड वैल्यू को भारी नुकसान पहुंचा है और शेयर मार्केट में कंपनी की छवि धूमिल हुई है।
‘सुप्रीम कोर्ट में माफी मांग चुकी है कंपनी’
मानहानि मुकदमे पर जवाब देते हुए बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि जो कंपनी खुद तीन बार सुप्रीम कोर्ट में माफी मांग चुकी हो और जिसके 14 से अधिक प्रोडक्ट बाजार से हटाए जा चुके हों, वह उन पर केस कर रही है। उन्होंने याद दिलाया कि 2022 में पिथौरागढ़ में खाद्य सुरक्षा विभाग ने पतंजलि के प्रॉडक्ट पर जुर्माना लगाया था। पूर्व सांसद ने कहा कि उन्हें अपने बयान के समर्थन में किसी प्रकार का सबूत देने की जरूरत नहीं है क्योंकि पूरा देश सच्चाई जानता है।
राजनीति में चर्चा
अपने चिरपरिचित अंदाज में हमला बोलते हुए भाजपा नेता ने कहा कि राजनीति के तीन मुख्य लक्षण होते हैं चर्चा, पर्चा और खर्चा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पहले वे कुछ अन्य मामलों को लेकर चर्चा में थे और अब बाबा जी की मेहरबानी से नकली घी के मामले में फिर से चर्चा में आ गए हैं।
उन्होंने साफ किया कि वे कानून की प्रक्रिया से नहीं डरते और आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाली कंपनियों के खिलाफ अपनी आवाज ऐसे ही बुलंद करते रहेंगे।





