साइबर सुरक्षा के लिए बैंकों में पायलट आधार पर IDPIC:RBI

Mumbai RBI Deputy Governor Shirish Chandra Murmu: मुंबई भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के डिप्टी गवर्नर शिरीष चंद्र मुर्मू ने कहा कि इंडिया डिजिटल पेमेंट इंटेलिजेंस कॉरपोरेशन (आईडीपीआईसी) फिलहाल आठ बैंकों के साथ पायलट आधार पर संचालित हो रहा है और आरबीआई इसके व्यापक क्रियान्वयन की प्रक्रिया को तेज करने पर काम कर रहा है। यह पहले से ही आठ बैंकों में पायलट आधार पर चल रहा है। हम इसे तेजी से आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। सरकार और आरबीआई पिछले कुछ समय से डिजिटल भुगतान प्रणाली की साइबर सुरक्षा को मजबूत करने और नागरिकों को साइबर वित्तीय धोखाधड़ी से बचाने के लिए कई कदम उठा रहे हैं।
आरबीआई के परामर्श से स्थापित किए जा रहे IDPIC का उद्देश्य ऐसा तंत्र विकसित करना है, जिसके जरिए बैंकों और वित्तीय संस्थानों के बीच रियल-टाइम फ्रॉड इंटेलिजेंस और चेतावनियां साझा की जा सकें। इसके लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग (ML) और बिग डेटा एनालिटिक्स जैसी उन्नत तकनीकों का उपयोग किया जाएगा।

मुर्मू ने पेमेंट सिस्टम में आ रहे बदलावों और नकदी तथा डिजिटल पेमेंट के सह-अस्तित्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि डिजिटल भुगतान में तेज वृद्धि के बावजूद नकदी का महत्व पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है।
उन्होंने कहा कि ट्रांजैक्शन के माध्यम के रूप में नकदी का इस्तेमाल धीरे-धीरे डिजिटल माध्यमों से प्रतिस्थापित हो रहा है, लेकिन मूल्य संचय (स्टोर ऑफ वैल्यू) के रूप में नकदी की भूमिका अभी भी बनी हुई है और इसमें कोई बड़ी गिरावट नहीं देखी गई है। हम प्रचलन में मौजूद नकदी को देखते हैं। जब डिजिटल ट्रांजैक्शन बढ़ते हैं, तो उसी अनुपात में नकदी कम होनी चाहिए, लेकिन हम ऐसा बहुत अधिक नहीं देख रहे हैं।

उन्होंने बताया कि घरों और व्यक्तियों के पास मौजूद नकदी की मात्रा देश की आर्थिक स्थिति से भी जुड़ी होती है। हालांकि अर्थव्यवस्था में बढ़ती औपचारिकता ( फॉर्मलाइजेशन ) डिजिटल पेमेंट को तेजी से बढ़ावा दे रही है।
उन्होंने कहा अर्थव्यवस्था में लगातार औपचारिकता बढ़ रही है। इसलिए हमें दिशा के लिहाज से काफी उम्मीद है। डिजिटल भुगतान बहुत अच्छी तरह आगे बढ़ रहा है। मुर्मू ने कहा कि पिछले एक वर्ष में आरबीआई ने 600 से अधिक मसौदा और अंतिम संशोधन सर्कुलर जारी किए हैं।

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