
‘चीन सीमा पर देश को अंधेरे में रख रही सरकार’, ओवैसी ने की विशेष सत्र की मांग…
AIMIM Chief Asaduddin Owaisi: असदुद्दीन ओवैसी ने अरुणाचल प्रदेश में भारत-चीन सीमा के हालात पर पारदर्शिता की मांग की। कहा- संसद में होनी चाहिए विस्तृत चर्चा।
Delhi: भारत-चीन सीमा पर सुरक्षा और चीनी सैनिकों की गतिविधियों को लेकर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र सरकार से संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग की है। ओवैसी का कहना है कि अरुणाचल प्रदेश में सीमा पर क्या स्थिति है, चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) की गतिविधियां कैसी हैं और भारतीय जवानों की गश्त को लेकर क्या चुनौतियां सामने आ रही हैं, इसकी जानकारी संसद में साझा की जानी चाहिए।
‘सीमा के हालात पर देश को पूरी जानकारी मिले’
असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि भारत-चीन सीमा से जुड़े मुद्दों पर संसद में चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सीमा पर हो रही गतिविधियों और कथित घुसपैठ को लेकर सरकार पर्याप्त जानकारी नहीं दे रही है। उनके मुताबिक, विपक्षी नेताओं और सांसदों को भी सीमा की वास्तविक स्थिति से अवगत कराया जाना जरूरी है।
ओवैसी ने विशेष रूप से अरुणाचल प्रदेश का जिक्र करते हुए कहा कि जिन क्षेत्रों में चीन की गतिविधियों को लेकर सवाल उठ रहे हैं, वहां की स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े इस विषय पर संसद में चर्चा कर आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए।
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आईटीबीपी अधिकारी के बयान के बाद उठा मुद्दा
ओवैसी की मांग ऐसे समय सामने आई है, जब भारत-चीन सीमा पर पीएलए के साथ आमना-सामना और सुरक्षा चुनौतियों को लेकर आईटीबीपी के एक वरिष्ठ अधिकारी के बयान का जिक्र किया जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारी ने अरुणाचल प्रदेश में पीएलए के साथ आमना-सामना होने और चीन की सैन्य क्षमताओं में बदलाव की बात कही थी।
इस बयान के बाद सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था और भारतीय जवानों की गश्त से जुड़े सवालों पर चर्चा तेज हुई। हालांकि, सीमा पर किसी विशेष स्थान पर घुसपैठ या गश्त में बाधा के दावों की पुष्टि के लिए आधिकारिक जानकारी और संबंधित तथ्यों को देखना जरूरी है।
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सरकार से पारदर्शिता की मांग
ओवैसी ने कहा कि भारत-चीन सीमा जैसे संवेदनशील मुद्दे पर पारदर्शिता जरूरी है। उन्होंने केंद्र सरकार से संसद में सीमा की स्थिति, सुरक्षा संबंधी चुनौतियों और सरकार की रणनीति के बारे में जानकारी देने की मांग की।
उन्होंने जोर दिया कि देश की सुरक्षा सर्वोपरि है और इस विषय पर सांसदों को चर्चा का अवसर मिलना चाहिए। फिलहाल, उनके बयान के केंद्र में संसद का विशेष सत्र बुलाकर भारत-चीन सीमा के हालात पर विस्तृत चर्चा कराने की मांग है।
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