
लखनऊ ट्रिपल मर्डर: मृतकों को Deputy CM ने दिया कंधा, सरकारी नौकरी समेत सभी मांगें मंजूर
Lucknow Triple Murder: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सआदतगंज (नौबस्ता) में हुए सनसनीखेज तिहरे हत्याकांड (ट्रिपल मर्डर) के बाद उपजे भारी जनआक्रोश के बीच उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और भाजपा उपाध्यक्ष नीरज सिंह मंगलवार को पीड़ित परिवार से मिलने उनके आवास पहुंचे।
डिप्टी सीएम ने शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और सरकार की तरफ से हर संभव मदद के साथ-साथ आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई का पूरा भरोसा दिलाया।
पीड़ित परिवार की सभी मांगें मंजूर
पोस्टमार्टम के बाद तीनों शवों को सड़क पर रखकर पिछले 32 घंटे से प्रदर्शन कर रहे परिजनों को शांत कराने के लिए डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के साथ भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष नीरज सिंह और लखनऊ की मेयर सुषमा खड़कवाल भी मौके पर पहुंचे।
उपमुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार से बातचीत के बाद सरकार की ओर से उनकी सभी प्रमुख मांगों को स्वीकार करने की घोषणा की। मृतक की मां को नगर निगम में सरकारी नौकरी दी जाएगी। ,परिवार की बेटी/बहन की पूरी पढ़ाई का खर्च सरकार वहन करेगी और मुफ्त शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। पीड़ित परिवार को नियमानुसार आर्थिक मदद भी प्रदान की जाएगी।

उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने खुद आगे बढ़कर मृतकों के शवों को कंधा दिया, जिसके बाद भावुक परिजनों का गुस्सा शांत हुआ और वे अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए। इसके तुरंत बाद पुलिस और परिजनों की मौजूदगी में शवों को अंतिम संस्कार के लिए गुलाला घाट ले जाया गया।
लापरवाह पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज
घटना में पुलिस की शुरुआती लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए प्रशासन ने बड़ा एक्शन लिया है। मामले में सआदतगंज के थाना प्रभारी (SHO) संतोष कुमार आर्य और कश्मीरी मोहल्ला के संबंधित चौकी प्रभारी को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है।
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने लखनऊ पुलिस कमिश्नर तरुण गाबा और अन्य उच्च अधिकारियों को निष्पक्ष, पारदर्शी और त्वरित जांच के सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस जघन्य अपराध को अंजाम देने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और केस की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराकर सख्त से सख्त सजा दिलाई जाएगी।
मुख्य आरोपी ऋषभ गिरफ्तार
उल्लेखनीय है कि सआदतगंज के नौबस्ता ब्राह्मणी टोला में सोमवार को कार पार्किंग और बरगद के पेड़ के पास बने चबूतरे के मामूली विवाद में पड़ोसी व पूर्व मर्चेंट नेवी अफसर ऋषभ शुक्ला ने अंधाधुंध ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी थी। इस दिल दहला देने वाली वारदात में संघ के पूर्व पदाधिकारी शिवाजी तिवारी, उनके भाई शिवेंद्र तिवारी और बेटे सुयश तिवारी की मौके पर ही मौत हो गई थी।
पुलिस ने मुख्य आरोपी ऋषभ शुक्ला को घटना के वक्त ही इस्तेमाल की गई अवैध पिस्टल और कारतूस के साथ गिरफ्तार कर लिया था। वर्तमान में पुलिस नामजद अन्य सह-आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।





