
कैंसर मरीजों को बड़ी राहत, NPPA ने घटाई 543 दवाओं की कीमतें
NPPA Cancer Drug Prices Cut: देश के कैंसर मरीजों और उनके परिजनों के लिए एक बेहद राहत भरी खबर सामने आई है। दवा मूल्य नियामक संस्था राष्ट्रीय औषधीय मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (NPPA) ने कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली विभिन्न कंपनियों की 543 एंटी-कैंसर दवाओं (Anti-Cancer Medicines) के अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) में भारी कटौती की है।
यह नया आदेश और संशोधित मूल्य सूची देश भर में आगामी 9 नवंबर से प्रभावी हो जाएगी। सरकार के इस कदम का उद्देश्य कैंसर जैसी महंगी बीमारी के इलाज को आम आदमी की पहुंच में लाना और मरीजों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम करना है।
कैंसर की 543 दवाओं के दाम बदले
औषधि विभाग (Department of Pharmaceuticals) और रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले एनपीपीए द्वारा जारी आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, यह मूल्य संशोधन ‘ट्रेड मार्जिन रेशनललाइजेशन’ (Trade Margin Rationalisation – TMR) के तहत लागू किया गया है। इसके तहत गैर-अनुसूचित (Non-scheduled) एंटी-कैंसर दवाओं पर ट्रेड मार्जिन को सीमित किया गया है, ताकि अत्यधिक मुनाफे पर लगाम लगाई जा सके और मरीजों को कम कीमत पर जीवन रक्षक दवाएं मिल सकें।
एनपीपीए ने फार्मास्युटिकल कंपनियों द्वारा 27 अक्टूबर तक उपलब्ध कराई गई जानकारी के आधार पर यह संशोधित सूची तैयार की है। अधिकारियों का कहना है कि जैसे-जैसे अन्य निर्माता कंपनियां भी अपनी संशोधित कीमतें जमा करेंगी, इस लिस्ट को और अपडेट किया जाएगा।
कई प्रमुख ब्रांड्स की कीमतों में गिरावट
इस मूल्य संशोधन के बाद कई महत्वपूर्ण और जीवन रक्षक एंटी-कैंसर ब्रांड्स के दामों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। जिन प्रमुख दवाओं और साल्ट्स के दाम कम हुए हैं, उनमें एनास्ट्रोजोल (Anastrozole), एजासिटिडाइन (Azacitidine), बेvacizumab (Bevacizumab), दासटिनिब (Dasatinib) और डाइनोसुरमैब (Denosumab) जैसे कई असरदार विकल्प शामिल हैं। इसके अलावा कई अन्य इंजेक्शन्स और ओरल थेरेपी की कीमतें भी काफी घटाई गई हैं, जिससे मरीजों के इलाज का खर्च सीधा कम होगा।
मरीजों को मिलेगी बड़ी राहत
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में कैंसर के इलाज का खर्च अमूमन बहुत ज्यादा होता है, जिससे मध्यम वर्ग और गरीब परिवार पूरी तरह आर्थिक रूप से टूट जाते हैं। कैंसर जैसी गंभीर बीमारी में इस्तेमाल होने वाली दवाओं के दाम घटने से मरीजों को सीधे तौर पर राहत मिलेगी।
सरकार के इस कदम से न केवल जीवन रक्षक दवाएं किफायती दरों पर उपलब्ध होंगी, बल्कि उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाओं तक लोगों की पहुंच भी सुगम बनेगी। नए दाम लागू होने के बाद बाजार में मरीजों को कम दरों पर ये दवाइयां मिलनी शुरू हो जाएंगी।





