
Drishti IAS के संस्थापक पर हो सकती है बड़ी कार्यवाही, जजों पर टिप्पणी से जुड़ा मामला…
Vikas Divyakirti Controversy: दृष्टि IAS कोचिंग के संस्थापक विकास दिव्यकीर्ति पर न्यायपालिका के ख़िलाफ़ अभद्र, व्यंग्यात्मक भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया गया है।
Vikas Divyakirti Controversy: दृष्टि IAS कोचिंग के संस्थापक विकास दिव्यकीर्ति एक वीडियो को लेकर विवादों में घिर गए हैं. वीडियो में कथित तौर पर न्यायपालिका के खिलाफ अपमानजनक और व्यंग्यात्मक टिप्पणियां की गई हैं. राजस्थान की अजमेर अदालत ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए विकास दिव्यकीर्ति को अगली सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया है।
क्या है पूरा मामला?
इस वीडियो में विकास दिव्यकीर्ति ने कथित रूप से न्यायिक पदों और अधिकारियों के बारे में व्यंग्यात्मक भाषा का प्रयोग किया, जिससे न्यायिक बिरादरी की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची। वकील कमलेश मंडोलिया ने इस पर मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में यह भी कहा गया कि वीडियो में कुछ शब्दों का इस्तेमाल कर कोलेजियम सिस्टम और न्यायिक नियुक्तियों पर सवाल उठाए गए।
कोर्ट ने क्या कहा?
कोर्ट ने प्रथम दृष्टया पाया कि वीडियो में इस्तेमाल की गई भाषा “अपमानजनक, आपत्तिजनक और नीचा दिखाने वाली” थी. अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार सीमित है और इसका इस्तेमाल न्यायपालिका का अपमान करने के लिए नहीं किया जा सकता. कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के अरुंधति रॉय (2002) और प्रशांत भूषण (2020) मामलों का हवाला देते हुए कहा कि इस तरह की टिप्पणियां स्वीकार्य नहीं हैं.
विकास दिव्यकीर्ति का जवाब
विकास दिव्यकीर्ति ने सफाई दी कि विवादित वीडियो से उनका कोई संबंध नहीं है। उन्होंने दावा किया कि यह वीडियो किसी थर्ड पार्टी ने उनकी अनुमति के बिना संपादित कर अपलोड किया। उन्होंने कहा, “न तो दृष्टि IAS ने यह वीडियो प्रकाशित किया और न ही मेरी ओर से इसकी अनुमति दी गई ।” हालाकिं उनके इस तर्क को कोर्ट ने खारिज कर दिया है।
उनके वीडियो सामने आने के बाद न्यायिक समुदाय में नाराजगी देखी गई थी। इसलिए अदालत ने शिकायत पर प्रसंज्ञान लेते हुए दिव्यकीर्ति को 22 जुलाई को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया है।





