
सोशल मीडिया पर अश्लील कंटेंट पड़ा महंगा; यूनीसेफ ने आगरा पुलिस को भेजा लेटर…
Agra news: न्यूयार्क से यूनीसेफ ने यूपी पुलिस को सोशल मीडिया पर गलत कंटेट अपलोड करने के लिए कार्यवाही करने के लिए कहा है. आईये जाने पूरा मामला…
Agra news: यूनीसेफ की शिकायत पर आगरा में साइबर थाना पुलिस ने मलपुरा के एक युवक के खिलाफ आईटी एक्ट में मुकदमा दर्ज किया है. बता दें कि यूनीसेफ मुख्यालय से मिली शिकायत में एक सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर लंबे समय से अश्लील कंटेट अपलोड, वायरल और फॉरवर्ड करने का आरोप है.
अश्लील कंटेंट अपलोड किया:
बता दें कि न्यूयार्क में स्थित यूनीसेफ मुख्यालय से यूपी पुलिस मुख्यालय को शिकायत मिली थी कि आगरा में एक मोबाइल नंबर से लगातार अश्लील कंटेंट अपलोड और फारवर्ड किया जा रहा है. शिकायत में जो मोबाइल नंबर के खिलाफ कार्रवाई की बात कही गई है, यह मोबाइल नंबर आगरा के मलपुरा थाना क्षेत्र में स्थित गांव नगला कारे, मनकेड़ा निवासी नरेंद्र कुमार के नाम जारी हुआ है.
इस बारे में एडीसीपी सिटी आदित्य कुमार ने बताया कि यूनीसेफ मुख्यालय से मिली शिकायत में आरोप है कि नरेंद्र कुमार के नाम से जारी मोबाइल नंबर से स्नैपचैट के माध्यम से अश्लील कंटेंट बार-बार अपलोड करके फॉरवर्ड किया जा रहा है.
कई बार ऐसा करने पर स्नैपचैट ने यूनीसेफ से शिकायत की थी. जिसके बाद यूनीसेफ के न्यूयार्क स्थित मुख्यालय से उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय को मोबाइल नंबर की शिकायत भेजी थी. जिस पर आगरा में साइबर थाना पुलिस ने मोबाइल नंबर के आधार पर नरेंद्र कुमार पर 67बी आइटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है.
AI का गलत इस्तेमाल :
पुलिस ने कहा कि सोशल मीडिया पर अश्लील सामग्री खासकर चाइल्ड पोर्न सामग्री अपलोड, शेयर या फारवर्ड करना भी अपराध की श्रेणी में आता है. ऐसी अश्लील सामग्री यदि कोई व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम और फेसबुक पर पोस्ट, शेयर या फारवर्ड करता है तो यह भी अपराध की श्रेणी में आता है.
बता दे कि बार बार अश्लील सामग्री अपलोड या शेयर करने पर Meta तुरंत अलर्ट होकर जानकारी यूनीसेफ मुख्यालय को देता है. जिस पर ही यूनीसेफ मुख्यालय से संबंधित देश और प्रदेश के पुलिस मुख्यालय को शिकायत भेजती है. एआई का गलत इस्तेमाल भी जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा सकता है.
एडीसीपी सिटी आदित्य कुमार बताते हैं कि लोग खूब डिजिटल दुनिया से जुड़ रहे हैं. ऐसे में लोग कई बार जाने-अनजाने में गलत कंटेंट शेयर, पोस्ट और फारवर्ड कर देते हैं. जिसकी वजह से उनकी परेशानी बढ जाती हैं. क्योंकि, ऐसे कंटेंट पर हर सोशल मीडिया प्लेटफार्म नजर रखते हैं. जिससे ही कार्रवाई होती है.





