बीएसएफ का जवान मोहम्मद सज्जाद निकला पाकिस्तानी जासूस, गिरफ्तार

अहमदाबाद। गुजरात की भुज बटालियन में तैनात सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के एक जवान को आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) ने पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है।
एटीएस के मुताबिक, जवान पड़ोसी देश को व्हाट्सऐप पर गुप्त और संवेदनशील जानकारी भेजता था। गिरफ्तार जवान की पहचान मोहम्मद सज्जाद के रूप में हुई है। वह केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के सरोला गांव का निवासी है।
सज्जाद भुज में 74 बीएसएफ बटालियन में तैनात था। सज्जाद को भुज में बीएसएफ मुख्यालय से ही गिरफ्तार किया गया है। वह 2012 में कांस्टेबल के तौर पर बीएसएफ में शामिल हुआ था।
भाई और दोस्त के खाते में आ रहे थे पैसे
एटीएस ने बताया कि जानकारी देने के बदले उसे अपने भाई वाजिद और सहयोगी इकबाल राशिद के खातों में पैसे मिल रहे थे। सज्जाद ने अपना पासपोर्ट जम्मू के क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय से बनवाया था।
एटीएस ने कहा कि उसी पासपोर्ट पर उसने 1 दिसंबर, 2011 से 16 जनवरी, 2012 के बीच 46 दिनों के लिए पाकिस्तान की यात्रा की थी। वह पाकिस्तान जाने के लिए अटारी रेलवे स्टेशन से समझौता एक्सप्रेस में सवार हुआ था।
सज्जाद दो फोन करता था इस्तेमाल
एटीएस के मुताबिक, सज्जाद दो फोन इस्तेमाल करता था। अपने एक फोन पर, उसने आखिरी बार 14-15 जनवरी, 2021 को एक सिम कार्ड सक्रिय किया था। उस नंबर के सीडीआर (कॉल डेटा रिकॉर्ड) की जांच की गई, तो पता चला कि सिम कार्ड, त्रिपुरा के सत्यगोपाल घोष के नाम पर रजिस्टर है।
उस नंबर पर दो कॉल आए थे। सिम को 25 दिसंबर, 2020 तक निष्क्रिय कर दिया गया था। एटीएस ने कहा कि इसे 26 दिसंबर, 2020 को फिर से सक्रिय किया गया था।
एटीएस ने कहा, “15 जनवरी, 2021 को, जब नंबर सक्रिय किया गया था, तो 12:38:51 बजे एक एसएमएस प्राप्त हुआ था। उसी नंबर पर लगभग 12:38 बजे एक एसएमएस प्राप्त हुआ था, जो व्हाट्सऐप के लिए एक ओटीपी लग रहा था। इसके बाद नंबर को निष्क्रिय कर दिया गया था।”
व्हाट्सऐप के लिए ओटीपी पाकिस्तान को भेजा
एटीएस ने कहा कि आरोपी ने इस नंबर पर ओटीपी प्राप्त किया और उसे पाकिस्तान भेज दिया जहां उसने व्हाट्सऐप को सक्रिय कर दिया जिससे वह गुप्त सूचना भेजता था।
एटीएस ने कहा कि व्हाट्सऐप अभी भी सक्रिय था और पाकिस्तान में किसी व्यक्ति द्वारा इस्तेमाल किया गया था जो सज्जाद के संपर्क में था।
एटीएस अधिकारियों ने कहा कि सज्जाद ने गलत जन्मतिथि बताकर बीएसएफ को गुमराह किया। उसके आधार कार्ड के अनुसार, उसका जन्म 1 जनवरी 1992 को हुआ था, लेकिन उसके पासपोर्ट विवरण में जन्म तिथि 30 जनवरी 1985 थी।
एटीएस ने कहा, “सज्जाद के कब्जे से दो मोबाइल फोन, उनके सिम कार्ड, दो अतिरिक्त सिम कार्ड जब्त किए गए। आगे की जांच जारी है।”





