
‘समृद्ध किसान-समृद्ध भारत’ की दिशा में बड़ा कदम, यूपी को मिली विकास की डबल डोज…
UP News: उत्तर प्रदेश के किसानों और गरीब परिवारों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी राहत और विकास से जुड़ी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लाखों गरीब परिवारों को जल्द पक्के घर का सपना साकार होता नजर आ रहा है. प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के नए चरण के तहत केंद्र सरकार ने राज्य के लिए 6,18,482 पक्के मकानों की स्वीकृति दी है. योजना भवन, लखनऊ में आज केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ हुई हाई लेवल समीक्षा बैठक के दौरान अनुमोदन पत्र सौंपा गया.
बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री ने दो महत्वपूर्ण पत्र मुख्यमंत्री को सौंपे. पहला पत्र रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए गेहूं, चना और मसूर की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद अवधि बढ़ाने से संबंधित था, जबकि दूसरा पत्र प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत नए मकानों की स्वीकृति से जुड़ा था.
आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के यशस्वी मार्गदर्शन एवं आपके सहयोग से भारतीय कृषि आज आत्मनिर्भरता, नवाचार और समृद्धि के नए प्रतिमान स्थापित कर रही है।
प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत 6.18 लाख से अधिक नए आवासों की स्वीकृति से गरीब कल्याण के… https://t.co/VvSgK5Amml
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) June 25, 2026
चना, मसूर और सरसों की खरीद अवधि बढ़ी
किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने चना, मसूर और सरसों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद की अवधि 15 दिनों के लिए बढ़ाने का फैसला किया है।
अब प्रदेश के किसान 24 जून से 8 जुलाई तक अपनी उपज सरकारी खरीद केंद्रों पर समर्थन मूल्य पर बेच सकेंगे। इससे उन किसानों को विशेष राहत मिलेगी जो किसी कारणवश निर्धारित अवधि के भीतर अपनी फसल बेच नहीं पाए थे।
विशेषज्ञों का मानना है कि खरीद अवधि बढ़ने से किसानों को बेहतर दाम मिलने की संभावना बढ़ेगी और उन्हें बाजार में कम कीमतों पर फसल बेचने की मजबूरी से राहत मिलेगी।
किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में कदम
सरकार का कहना है कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना उसकी प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी उद्देश्य से विभिन्न फसलों के लिए समर्थन मूल्य व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है और खरीद प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है।
कृषि क्षेत्र में तकनीकी सुधार, बेहतर भंडारण व्यवस्था और विपणन सुविधाओं के विस्तार पर भी लगातार काम किया जा रहा है।
6.18 लाख परिवारों को मिलेगा नया घर
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत उत्तर प्रदेश के लिए 6 लाख 18 हजार 482 नए आवासों को मंजूरी दी गई है। इस फैसले से उन लाखों परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी जो वर्षों से अपने पक्के घर का सपना देख रहे थे।
ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को इस योजना के माध्यम से सुरक्षित और सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराया जाएगा।
सरकार का मानना है कि आवास केवल रहने की जगह नहीं बल्कि सामाजिक सुरक्षा, सम्मान और बेहतर जीवन की बुनियाद है।
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ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य शुरू होने से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। निर्माण सामग्री, श्रमिकों और स्थानीय बाजारों को भी इसका सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नई गति आएगी और स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
केंद्र और राज्य सरकार का समन्वय
इन घोषणाओं को केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों का परिणाम बताया जा रहा है। सरकार का कहना है कि किसानों और गरीबों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विकास योजनाओं को तेजी से जमीन पर उतारा जा रहा है।
उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा कृषि राज्य होने के कारण यहां कृषि और ग्रामीण विकास से जुड़े फैसलों का प्रभाव करोड़ों लोगों तक पहुंचता है।
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‘समृद्ध किसान-समृद्ध भारत’ की दिशा में आगे बढ़ता देश
सरकार ने दोहराया कि किसानों की आय बढ़ाने, आधुनिक कृषि को बढ़ावा देने और गरीब परिवारों को बेहतर जीवन उपलब्ध कराने के लिए भविष्य में भी इसी तरह के कदम उठाए जाते रहेंगे।
केंद्र और राज्य सरकारों के साझा प्रयासों के बल पर “समृद्ध किसान-समृद्ध भारत” और “सबके लिए आवास” जैसे संकल्प तेजी से साकार होते दिखाई दे रहे हैं।
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