Akhilesh का मास्टरस्ट्रोक या जुमला? महिलाओं को ₹40 हजार देने का ऐलान
Akhilesh Yadav: उत्तर प्रदेश की सियासत में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। अखिलेश यादव ने गरीब महिलाओं को साधने के लिए बड़ा चुनावी दांव खेलते हुए सत्ता में आने पर सालाना 40 हजार रुपये सीधे खाते में देने का वादा किया है।
महिलाओं को साधने की कोशिश
अखिलेश यादव ने अपने बयान में कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर गरीब और जरूरतमंद महिलाओं को आर्थिक मदद दी जाएगी। यह राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी। उन्होंने इसे महिलाओं की आर्थिक आजादी और सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम बताया।
PDA में A का नया अर्थ
सपा प्रमुख ने अपने PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समीकरण को नया विस्तार देते हुए कहा कि इसमें ‘A’ अब ‘आधी आबादी’ यानी महिलाओं के लिए है। उनका कहना है कि बिना महिलाओं की भागीदारी के कोई भी राजनीतिक बदलाव संभव नहीं है।
आधी आबादी की पूरी आज़ादी व उनकी हिफ़ाज़त के साथ-साथ उनके हक़-अधिकार, सशक्तीकरण व सबलीकरण के लिए हम सब सदैव कटिबद्ध-प्रतिबद्ध रहे हैं और रहेंगे। जब परिवार-समाज और देश को मज़बूत करनेवालों को सम्मान मिलता है तो उनका मान और मनोबल दोनों बढ़ता है।
हम PDA में शामिल ‘A’ मतलब ‘आधी आबादी’… pic.twitter.com/cLY2Hwz6XF
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) March 23, 2026
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बीजेपी का पलटवार
अखिलेश यादव के इस ऐलान पर भारतीय जनता पार्टी ने तीखा हमला बोला है। बीजेपी नेताओं ने इसे “चुनावी जुमला” बताते हुए कहा कि सपा सरकार के पिछले कार्यकाल में महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान की स्थिति खराब थी।
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2027 के चुनाव पर असर?
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, यह ऐलान महिलाओं के बड़े वोट बैंक को ध्यान में रखकर किया गया है। उत्तर प्रदेश में महिला मतदाताओं की संख्या लगातार बढ़ रही है और कई चुनावों में उनकी भूमिका निर्णायक साबित हुई है। हालांकि, सवाल यह है कि क्या यह वादा जमीनी स्तर पर वोट में बदल पाएगा या नहीं। क्योंकि बीजेपी पहले से ही उज्ज्वला, आवास और अन्य योजनाओं के जरिए महिला मतदाताओं तक अपनी पकड़ मजबूत करने में जुटी है।
अखिलेश यादव का यह दांव 2027 चुनाव से पहले सपा की रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है। अब देखना दिलचस्प होगा कि “आधी आबादी” को साधने की यह कोशिश क्या सियासी जमीन पर असर दिखा पाती है या नहीं।
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