इजरायल से ईरान पर हमले रोकने के लिए कहना मुश्किल: ट्रंप

Israel Iran War: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह भले ही संघर्ष को खत्म करने के लिए एक कूटनीतिक समाधान की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन इस समय इजरायल से ईरान पर हवाई हमले रोकने के लिए कहना मुश्किल होगा।

 

Israel Iran War:ट्रंप न्यू जर्सी में अपने गोल्फ कोर्स में एक फंडरेजर कार्यक्रम में शामिल हुए थे। ‘सिन्हुआ समाचार एजेंसी’ ने स्थानीय मीडिया के हवाले से बताया कि यहां पत्रकारों से बातचीत करते हुए ट्रंप ने ईरान के साथ कूटनीतिक रूप से जुड़ने के यूरोपीय प्रयासों को भी खारिज कर दिया।

 

ट्रंप ने कहा, “उन्होंने मदद नहीं की, ईरान यूरोप से बात नहीं करना चाहता। वह हमसे बात करना चाहते हैं। यूरोप इस मामले में मदद नहीं कर पाएगा।” इससे पहले, अमेरिकी विदेश विभाग की प्रवक्ता टैमी ब्रूस ने कहा कि वह इस बारे में ‘अटकलें नहीं लगा सकतीं’ कि क्या ट्रंप प्रशासन अमेरिका-ईरान परमाणु वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए ईरान और इजरायल के बीच युद्धविराम के लिए दबाव डालेगा।

 

ब्रूस ने शुक्रवार को एक न्यूज ब्रीफिंग में कहा, “अभी जो हो रहा है, राष्ट्रपति या विदेश मंत्री की उन वार्ताओं पर क्या प्रतिक्रिया होगी, मैं इसका वर्णन नहीं करने जा रही हूं।” इस बीच, इजरायल डिफेंस फोर्सेस (आईडीएफ) ने घोषणा की है कि शुक्रवार की सुबह 25 से अधिक इजरायली वायु सेना के लड़ाकू विमानों के हमलों में ईरान के तिबेरियास और केरमानशाह क्षेत्रों में 35 से अधिक मिसाइल स्टोरेज और लॉन्च फैसिलिटी तबाह हो गई हैं।

 

आईडीएफ ने एक्स पोस्ट में लिखा, “आज सुबह, वायुसेना ने इंटेलिजेंस ब्रांच से मिले सटीक मार्गदर्शन के साथ ईरान के करमनशाह और तिबेरियास जैसे क्षेत्रों में ईरानी शासन के सैन्य ठिकानों के खिलाफ हमलों की एक सीरीज पूरी की। हमलों की इस सीरीज के एक हिस्से के रूप में, 25 से ज्यादा फाइटर जेट्स ने ईरान के तिबेरियास और करमनशाह क्षेत्रों में 35 से अधिक मिसाइल स्टोरेज और लॉन्च फैसिलिटी पर हमला किया।”

 

आईडीएफ ने यह भी उल्लेख किया कि इजरायली वायुसेना ने इस्फहान और तेहरान के क्षेत्रों में कई ईरानी मिसाइल सिस्टम्स और रडार इंस्टॉलेशंस पर हमला किया, जिसका मकसद उसके एयरक्राफ्ट को निशाना बनाना और उनके ऑपरेशन को बाधित करना था।

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