
‘सीजफायर तोड़कर पछताएगा अमेरिका’, हमले के बाद ईरान की खुली चेतावनी…
Iran US War Controversy: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर सैन्य टकराव में बदलता दिखाई दे रहा है। शुक्रवार को अमेरिकी सेना ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर करीब एक घंटे तक हवाई हमले किए। इन हमलों में मिसाइल और ड्रोन भंडारण केंद्रों के साथ-साथ तटीय रडार और निगरानी ठिकानों को निशाना बनाया गया।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार यह कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य में एक वाणिज्यिक जहाज पर हुए ड्रोन हमले के जवाब में की गई। अमेरिकी प्रशासन का आरोप है कि ईरान समर्थित तत्वों ने सिंगापुर के कार्गो जहाज ‘एमवी एवर लवली’ को निशाना बनाया, जो हाल ही में हुए युद्धविराम समझौते का उल्लंघन था।
ट्रम्प बोले- ईरान ने तोड़ा युद्धविराम
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने हमलों के बाद बयान जारी करते हुए कहा कि ईरान ने सीजफायर का उल्लंघन किया है और अमेरिका ने केवल जवाबी कार्रवाई की है।
ट्रम्प ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करना अमेरिका की जिम्मेदारी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ईरान भविष्य में भी इसी प्रकार की कार्रवाई करता है तो अमेरिका और कड़ा जवाब देने से पीछे नहीं हटेगा।
ईरान का पलटवार, अमेरिकी ठिकानों को बनाया निशाना
अमेरिकी हमलों के कुछ ही घंटों बाद ईरान की सरकारी मीडिया और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उसने क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है।
हालांकि, ईरान ने हमलों के स्थान और नुकसान के बारे में विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है, लेकिन तेहरान ने इसे अमेरिकी कार्रवाई का “वैध जवाब” बताया है।
ईरानी संसद सदस्य की चेतावनी
ईरानी संसद सदस्य इब्राहिम अजीजी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अमेरिका की कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि वॉशिंगटन ने एक बार फिर बातचीत और युद्धविराम की प्रक्रिया के बीच सैन्य कार्रवाई का रास्ता चुना है।
उन्होंने कहा कि अमेरिका द्वारा युद्धविराम का उल्लंघन अंततः उसके लिए पछतावे का कारण बनेगा और ईरान अपनी सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाता रहेगा।
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होर्मुज जलडमरूमध्य बना तनाव का केंद्र
दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल व्यापार मार्गों में शामिल होर्मुज जलडमरूमध्य एक बार फिर वैश्विक चिंता का केंद्र बन गया है। इसी मार्ग से दुनिया के बड़े हिस्से में कच्चे तेल की आपूर्ति होती है।
हाल के दिनों में जहाजों पर हमले, ड्रोन गतिविधियों और सैन्य तैनाती में वृद्धि ने अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियों और ऊर्जा बाजारों की चिंता बढ़ा दी है। कई जहाजों ने अपने मार्ग बदलने या अस्थायी रूप से परिचालन रोकने का फैसला भी किया है।
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वैश्विक समुदाय की बढ़ी चिंता
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ा दी है। कई देशों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और कूटनीतिक समाधान की दिशा में आगे बढ़ने की अपील की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई का सिलसिला जारी रहता है तो इसका असर केवल क्षेत्रीय सुरक्षा ही नहीं बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी पड़ सकता है।
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