यूरोप पर मंडराया बड़ा खतरा… पोलैंड सीमा के पास रूस का हाइपरसोनिक अटैक

Russia Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध और ज्यादा खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। ताजा घटनाक्रम में रूस ने यूक्रेन के उस इलाके पर हमला किया है, जो पोलैंड की सीमा के बेहद नजदीक बताया जा रहा है। इस हमले में रूस की घातक हाइपरसोनिक मिसाइल ‘ओरशेनिक’ के इस्तेमाल की खबरों से पूरे यूरोप में चिंता बढ़ गई है। सीमावर्ती शहरों में धमाकों के बाद भारी तबाही, दहशत और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

हाइपरसोनिक मिसाइल ‘ओरशेनिक’ से बढ़ा खतरा
सैन्य विशेषज्ञों के मुताबिक ‘ओरशेनिक’ रूस की सबसे उन्नत और खतरनाक मिसाइलों में गिनी जाती है। यह आवाज़ की गति से करीब 10 गुना तेज रफ्तार से उड़ान भरने में सक्षम है, जिससे इसे मौजूदा एयर-डिफेंस सिस्टम से रोकना बेहद मुश्किल माना जाता है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, इसकी रेंज लगभग 5,000 किलोमीटर बताई जा रही है, यानी यह यूरोप के बड़े हिस्से तक मार कर सकती है। इतनी तेज रफ्तार और विनाशक क्षमता के कारण इस मिसाइल का इस्तेमाल क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा माना जा रहा है।

सीमावर्ती इलाकों में तबाही, नागरिकों में दहशत
हमले के बाद यूक्रेन के सीमावर्ती शहरों में कई इमारतों को नुकसान पहुंचने, आग लगने और बुनियादी ढांचे के तबाह होने की खबरें हैं। स्थानीय प्रशासन के मुताबिक राहत और बचाव कार्य जारी हैं, लेकिन मिसाइल हमलों के कारण हालात बेहद चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं।
पोलैंड सीमा के करीब हमला होने से नाटो देशों की चिंता भी बढ़ गई है, क्योंकि यह संघर्ष के और ज्यादा फैलने की आशंका को जन्म देता है।

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ल्वीव पर कब्जे की खबरें, स्थिति गंभीर
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि रूसी सेना ने यूक्रेन के पश्चिमी शहर ल्वीव पर कब्जा कर लिया है। हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
हमलों से पहले यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने नागरिकों से सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की थी और हवाई हमले की चेतावनी जारी की थी।

कीव और अन्य शहर भी निशाने पर
रूस ने राजधानी कीव पर भी मिसाइल और ड्रोन हमले किए। इन हमलों में कम से कम 3 लोगों की मौत और 16 से ज्यादा लोगों के घायल होने की सूचना है।
कीव के मेयर विटाली क्लित्स्को ने बताया कि हमलों के कारण कई इलाकों में बिजली और पानी की सप्लाई बाधित हो गई है। इसके अलावा पश्चिमी यूक्रेन के अन्य शहरों में भी विस्फोटों की खबरें सामने आई हैं।

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सर्दी के मौसम का फायदा उठाने की रणनीति
सैन्य विश्लेषकों का मानना है कि रूस ने कड़ाके की सर्दी का फायदा उठाकर हमलों की तीव्रता बढ़ाई है। भारी बर्फबारी, ठंड और फिसलन भरी सड़कों के चलते राहत-बचाव कार्य और आम नागरिकों का जीवन और कठिन हो गया है।
बिजली आपूर्ति ठप होने से अस्पतालों, हीटिंग सिस्टम और संचार नेटवर्क पर भी गंभीर असर पड़ा है।

दुनिया की नजरें युद्ध पर
यूक्रेन-रूस युद्ध की ताजा घटनाओं ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ा दी है। पोलैंड सीमा के पास हाइपरसोनिक मिसाइल हमले को लेकर पश्चिमी देशों में सुरक्षा बैठकों और कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर संघर्ष इसी तरह बढ़ता रहा, तो इसका असर सिर्फ यूक्रेन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे यूरोप की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो सकते हैं।

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