
सत्ता संभालते ही एक्शन मोड में बीजेपी सरकार, पहली बैठक में कई बड़े फैसले…
Pashchim Bengal: West Bengal में नई बीजेपी सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री Suvendu Adhikari की अध्यक्षता में पहली कैबिनेट बैठक आयोजित हुई। सत्ता संभालते ही सरकार ने कई बड़े और राजनीतिक रूप से अहम फैसलों पर मुहर लगाई। इनमें केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी Ayushman Bharat Yojana को राज्य में लागू करने से लेकर सीमा सुरक्षा बल (BSF) को जमीन उपलब्ध कराने तक के निर्णय शामिल हैं।
कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि नई सरकार “डबल इंजन विकास मॉडल” के तहत काम करेगी और राज्य में प्रशासनिक पारदर्शिता, कानून व्यवस्था और केंद्रीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया जाएगा।
बंगाल में लागू होगी आयुष्मान भारत योजना
नई सरकार का सबसे बड़ा फैसला राज्य में Ayushman Bharat Yojana को लागू करना रहा। इससे अब राज्य के लाखों गरीब और निम्न आय वर्ग के परिवारों को केंद्र सरकार की स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ मिल सकेगा।
सरकार के अनुसार, पात्र परिवारों को हर साल पांच लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलेगा। बीजेपी लंबे समय से आरोप लगाती रही थी कि पिछली सरकार ने राजनीतिक कारणों से इस योजना को बंगाल में लागू नहीं किया था।
BSF को 45 दिन के भीतर जमीन देने का फैसला
कैबिनेट ने सीमा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए BSF को आवश्यक जमीन उपलब्ध कराने का भी निर्णय लिया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि 45 दिनों के भीतर भूमि आवंटन की प्रक्रिया पूरी की जाए।
सरकार का कहना है कि बांग्लादेश सीमा से लगे इलाकों में सुरक्षा ढांचे को मजबूत करना प्राथमिकता होगी। सीमा चौकियों और बुनियादी ढांचे के विस्तार के लिए यह फैसला अहम माना जा रहा है।
राजनीतिक हिंसा पर जीरो टॉलरेंस नीति
नई सरकार ने राज्य में चुनाव बाद हिंसा और राजनीतिक टकराव को लेकर सख्त रुख अपनाया है। कैबिनेट बैठक में कानून-व्यवस्था की समीक्षा की गई और पुलिस प्रशासन को निष्पक्ष कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि राज्य में “हिंसा मुक्त लोकतंत्र” स्थापित करना सरकार की प्राथमिकता होगी और किसी भी राजनीतिक दल के कार्यकर्ताओं के खिलाफ भेदभावपूर्ण कार्रवाई नहीं होगी।
भ्रष्टाचार के मामलों की होगी समीक्षा
कैबिनेट ने पिछली सरकार के दौरान हुए कथित भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं की समीक्षा का फैसला भी लिया। इसके तहत विभिन्न विभागों की योजनाओं और परियोजनाओं की ऑडिट रिपोर्ट मंगाई जाएगी।
सरकार ने संकेत दिए हैं कि भर्ती घोटाले, पंचायत फंड और अन्य मामलों में नई जांच शुरू हो सकती है। बीजेपी लंबे समय से राज्य में भ्रष्टाचार को बड़ा चुनावी मुद्दा बनाती रही है।
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केंद्र की योजनाओं को तेजी से लागू करने पर जोर
पहली बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन और किसान सम्मान निधि जैसी केंद्रीय योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा भी की गई। सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित परियोजनाओं को तेजी से पूरा किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय से विकास कार्यों को गति मिलेगी और आम जनता तक योजनाओं का लाभ सीधे पहुंचेगा।
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चुनाव आयोग और मतदाताओं को धन्यवाद
कैबिनेट ने राज्य में शांतिपूर्ण और सफल चुनाव कराने के लिए Election Commission of India और मतदाताओं का आभार जताया। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि जनता ने बदलाव के पक्ष में मतदान किया है और सरकार उनकी उम्मीदों पर खरा उतरने का प्रयास करेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि बंगाल में लोकतांत्रिक माहौल को मजबूत करना और प्रशासन में विश्वास बहाल करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होगी।
नई सरकार के इन शुरुआती फैसलों को बीजेपी के राजनीतिक एजेंडे और केंद्र के साथ बेहतर तालमेल की दिशा में बड़ा संकेत माना जा रहा है। अब नजर इस बात पर होगी कि इन घोषणाओं को जमीन पर कितनी तेजी और प्रभावी तरीके से लागू किया जाता है।
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