
Rape की धमकी से डरी CJP कार्यकर्ता निशु आजाद, सुप्रीम कोर्ट ने लिया संज्ञान
Ghaziabad Nishu Azad Threat Case: सुप्रीम कोर्ट ने CJP कार्यकर्ता निशु आजाद की सुरक्षा को लेकर सख्त रुख अपनाया, FIR पर कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी देने के लिए दिल्ली-UP सरकार से स्टेटस रिपोर्ट मांगी।
Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) से जुड़ी कार्यकर्ता निशु आजाद की सुरक्षा को लेकर गंभीर रुख अपनाया है। जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के बाद निशु आजाद के घर पर कथित तोड़फोड़, पथराव और धमकी के मामले में कोर्ट ने दिल्ली और उत्तर प्रदेश सरकार से कार्रवाई की स्थिति बताने वाली रिपोर्ट मांगी है।
मामले में निशु आजाद की ओर से आरोप लगाया गया है कि उन्हें रेप और जान से मारने की धमकियां मिली हैं। उन्होंने इस संबंध में पुलिस से शिकायत भी की है। हालिया रिपोर्टों के मुताबिक, धमकियों के चलते उन्होंने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है।
सॉलिसिटर जनरल से कार्रवाई की जानकारी मांगी
सुप्रीम कोर्ट ने सॉलिसिटर जनरल से निशु आजाद की FIR पर अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी देने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा है। कोर्ट ने संबंधित सरकारों से स्टेटस रिपोर्ट मांगी है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि शिकायतों पर पुलिस ने क्या कदम उठाए हैं।
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जंतर-मंतर प्रदर्शन के बाद बढ़ा विवाद
निशु आजाद जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन में शामिल हुई थीं। इस दौरान उनके परिवार से जुड़ी घटनाओं को लेकर विवाद सामने आया था। उनके पिता के साथ कथित मारपीट के मामले में भी पुलिस कार्रवाई हुई है। हाल में दिल्ली पुलिस ने इस मामले में स्वतंत्र भारद्वाज को बुलंदशहर से हिरासत में लिया था।
इस पूरे मामले को लेकर CJP कार्यकर्ताओं की ओर से कार्रवाई की मांग की जा रही है। सोशल मीडिया पर सामने आए कथित बयानों और धमकियों के बाद मामला और गंभीर हो गया।
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सुरक्षा को लेकर कोर्ट का सख्त रुख
सुप्रीम कोर्ट का निर्देश ऐसे समय आया है जब निशु आजाद की ओर से लगातार सुरक्षा को लेकर चिंता जताई जा रही है। कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों से मामले में की गई कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी मांगी है। अब दिल्ली और उत्तर प्रदेश सरकार की स्टेटस रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि FIR और सुरक्षा से जुड़े मामलों में अब तक क्या कार्रवाई हुई है।
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