CM योगी का विपक्ष को करारा जबाब; बीएलओ की मौजूदगी में भरा SIR फॉर्म…

Gorakhpur News: उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची को और अधिक पारदर्शी, त्रुटिरहित और अद्यतन बनाने के उद्देश्य से चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision—SIR) अभियान को मंगलवार को उस समय महत्वपूर्ण बल मिला, जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं फॉर्म भरकर इसमें सक्रिय भूमिका निभाई।

गोरखनाथ मंदिर के बैठक कक्ष में बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) की मौजूदगी में मुख्यमंत्री ने पूरा एसआईआर फॉर्म भरकर यह संदेश दिया कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने की जिम्मेदारी केवल सरकार और आयोग की नहीं, बल्कि हर एक नागरिक की है।

मुख्यमंत्री ने दिया जनभागीदारी का संदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर शहर विधानसभा क्षेत्र के झूलेलाल मंदिर के पास स्थित कन्या प्राथमिक विद्यालय मतदान केंद्र के बूथ संख्या 223 पर पंजीकृत मतदाता हैं।
फॉर्म भरने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा:

“सशक्त लोकतंत्र की नींव हैं सत्यापित मतदाता। आज विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के अंतर्गत गोरखपुर में अपना गणना प्रपत्र स्वयं भरकर उपलब्ध कराया। आप सभी एसआईआर फॉर्म अवश्य भरें। आपका यह छोटा सा प्रयास भारत के लोकतंत्र को मजबूत करेगा।”


उनकी यह अपील राज्य भर में मतदाता जागरूकता अभियान को मजबूती देने वाली है, क्योंकि कई बार नागरिक मतदाता सूची में त्रुटियों, पते में बदलाव या उम्र संबंधी विवरण अपडेट कराने में लापरवाही कर देते हैं।

क्या है SIR प्रक्रिया और क्यों जरूरी?
भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) ने मतदाता सूची के शुद्धिकरण, डुप्लीकेशन हटाने, मृतकों या स्थानांतरित मतदाताओं के नामों को अपडेट करने के लिए वर्ष 2025–26 में देश के 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में विशेष गहन पुनरीक्षण की शुरुआत की है।

  • अवधि: 28 अक्टूबर 2025 से 7 फरवरी 2026
  • उद्देश्य:

* मतदाता सूची को सटीक और अद्यतन बनाना

* डुप्लीकेट प्रविष्टियों को हटाना

* युवा मतदाताओं को जोड़ना

* डेटा को आधुनिक डिजिटाइजेशन प्रक्रियाओं के तहत सत्यापित करना

* मतदान केंद्रवार सूची को अधिक पारदर्शी बनाना

मतदाता सूची को सही और त्रुटिरहित रखना संविधान के अनुच्छेद 326 के तहत प्रत्‍येक नागरिक के मताधिकार से सीधे जुड़ा है।

मुख्यमंत्री द्वारा फॉर्म भरने का प्रतीकात्मक महत्व
सीएम योगी की ओर से खुद गणना फॉर्म भरना केवल औपचारिक कदम नहीं, बल्कि यह एक प्रेरक संदेश है:

  1. प्रशासनिक पारदर्शिता का उदाहरण
    जब प्रदेश का मुखिया स्वयं फॉर्म भरता है, तो यह संदेश जाता है कि यह प्रक्रिया अत्यंत महत्वपूर्ण है और किसी के लिए भी औपचारिकता नहीं है।

2. मतदाता जागरूकता को बढ़ावा
लाखों पहली बार वोट डालने वाले युवा इस पहल से प्रेरित होंगे।

3. त्रुटिरहित सूची की दिशा में बड़ा कदम
साफ-सुथरी मतदाता सूची चुनाव प्रक्रिया में विवाद कम करती है और लोकतंत्र की विश्वसनीयता बढ़ाती है।

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पूरे प्रदेश में तेजी से चल रहा फॉर्म वितरण

जानकारी के अनुसार—

  • बूथ लेवल ऑफिसर घर-घर जाकर फॉर्म दे रहे हैं
  • कई जिलों में फॉर्म इन-पर्सन और ऑनलाइन दोनों माध्यमों से भरवाए जा रहे हैं
  • आगामी महीनों में भारी संख्या में युवा मतदाताओं को जोड़ने की तैयारी है

इस बार आयोग विशेष रूप से डिजिटल सत्यापन पर जोर दे रहा है।

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नागरिकों के लिए आयोग की अपील
ECI और राज्य प्रशासन ने मतदाताओं से अपील की है कि—

  • यदि उन्होंने अपना पता बदला है,
  • नाम में गलती है,
  • आयु 18 वर्ष पूरी हो चुकी है,
  • या किसी अन्य परिवार सदस्य का नाम सूची में गलत दर्ज है,

तो वे एसआईआर(SIR) फॉर्म अवश्य भरें।

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