गोरखपुर सड़कों पर उतरी कांग्रेस… मणिकर्णिका घाट विवाद में सरकार को घेरा

Gorakhpur News: गोरखपुर में मणिकर्णिका घाट को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। यूपी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के निर्देश पर जिला कांग्रेस कमेटी और महानगर कांग्रेस ने गुरुवार को भाजपा सरकार के खिलाफ संयुक्त रूप से जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को मिटाने की कोशिश कर रही है।

प्रदर्शन का नेतृत्व, BJP पर तीखे आरोप
इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजेश कुमार तिवारी ने किया। बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर सड़कों पर उतरे और भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि मणिकर्णिका घाट गोरखपुर की ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा हुआ है। इसमें किसी भी तरह का बदलाव या छेड़छाड़ जनता की आस्था और इतिहास पर सीधा हमला है।

‘इतिहास मिटाने की साजिश’ का आरोप
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार सुनियोजित तरीके से ऐतिहासिक स्थलों की पहचान बदलने का प्रयास कर रही है। उनका कहना है कि मणिकर्णिका घाट का नाम और स्वरूप बदलने की कोशिश करके सरकार जनता की स्मृति और परंपरा को कमजोर करना चाहती है।

कांग्रेस का दावा है कि इस पूरे मामले में न तो स्थानीय लोगों से राय ली गई और न ही कोई पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई गई।

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जांच की मांग
कांग्रेस ने मणिकर्णिका घाट से जुड़े पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। नेताओं ने कहा कि यदि सरकार ने जल्द ही स्थिति स्पष्ट नहीं की और जांच नहीं कराई, तो कांग्रेस आंदोलन को और तेज करेगी।

प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यह सिर्फ गोरखपुर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जरूरत पड़ी तो प्रदेशव्यापी आंदोलन छेड़ा जाएगा।

जनभावनाओं से जुड़ा मुद्दा
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मणिकर्णिका घाट केवल एक स्थल नहीं, बल्कि पीढ़ियों से जुड़ी आस्था और परंपरा का प्रतीक है। इसमें किसी भी तरह का राजनीतिक हस्तक्षेप स्वीकार नहीं किया जाएगा।

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प्रशासन की नजर
प्रदर्शन के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन और पुलिस बल मौके पर तैनात रहा। हालांकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा और बाद में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें रखीं।

राजनीतिक तापमान तेज
मणिकर्णिका घाट को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब राजनीतिक रूप ले चुका है। कांग्रेस के आक्रामक रुख के बाद आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर भाजपा की प्रतिक्रिया और सरकार का रुख अहम माना जा रहा है।

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