
अचानक मोबाइल पर बजा सायरन और आया अलर्ट मैसेज, सरकार का ‘इमरजेंसी प्लान’?
Breaking News: आज सुबह करीब 11:41 बजे देशभर में हड़कंप मच गया जब लाखों लोगों के मोबाइल फोन अचानक तेज सायरन की आवाज के साथ बजने लगे। स्क्रीन पर ‘इमरजेंसी अलर्ट’ का एक मैसेज पॉप-अप हुआ, जिसने शुरुआत में लोगों को चिंता में डाल दिया। हालांकि, यह किसी खतरे की घंटी नहीं, बल्कि भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण सुरक्षा तैयारी का हिस्सा था।
नई दिल्ली क्यों आया यह इमरजेंसी अलर्ट?
यह मैसेज भारत सरकार के दूरसंचार विभाग (DoT) और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) द्वारा भेजा गया एक ‘टेस्ट मैसेज’ था। सरकार अपनी ‘सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम’ (CBAS) की टेस्टिंग कर रही है। इसका मुख्य उद्देश्य यह जांचना है कि किसी वास्तविक आपदा (जैसे भूकंप, बाढ़ या सुनामी) के समय देश के हर नागरिक तक तेजी से चेतावनी कैसे पहुंचाई जा सकती है।
मैसेज में क्या लिखा था?
यूजर्स को मिले मैसेज में स्पष्ट रूप से लिखा था: “यह भारत सरकार के दूरसंचार विभाग द्वारा सेल ब्रॉडकास्टिंग सिस्टम के माध्यम से भेजा गया एक नमूना परीक्षण संदेश है। कृपया इस पर ध्यान न दें क्योंकि आपकी ओर से किसी कार्रवाई की आवश्यकता नहीं है।” यह संदेश हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में भेजा गया था।
सायरन बजने की क्या थी वजह?
इस सिस्टम की खासियत यह है कि फोन साइलेंट या वाइब्रेशन मोड पर होने के बावजूद भी एक तेज सायरन (Audible Alert) बजता है। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि अगर कोई व्यक्ति सो रहा हो या फोन पर ध्यान न दे रहा हो, तो भी उसे आपात स्थिति की जानकारी मिल सके।
स्वदेशी तकनीक का इस्तेमाल
भारत ने अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह से स्वदेशी टेक्नोलॉजी का उपयोग करके इस सेल ब्रॉडकास्ट को लॉन्च किया है। यह रेडियो तरंगों के जरिए काम करता है, इसलिए नेटवर्क जाम होने की स्थिति में भी यह संदेश करोड़ों लोगों तक एक साथ पहुंच सकता है।
आगे क्या होगा?
सरकार आने वाले हफ्तों में अलग-अलग क्षेत्रों में ऐसे और भी परीक्षण कर सकती है। अधिकारियों का कहना है कि ‘सतर्क नागरिक, सुरक्षित देश’ के मिशन के तहत यह तकनीक भविष्य में जान-माल के नुकसान को कम करने में गेम-चेंजर साबित होगी।





