
इटावा कथावाचक केस में नया मोड़; जाति छिपाने और फर्जी आधार कार्ड मामले में FIR
Etawah Kathawachak case: इटावा के यादव कथावाचकों से बदसलूकी मामले में नया मोड़ आ गया है. जाति छिपाने और फर्जी आधार कार्ड बनवाने पर दोनों कथा व्यास के खिलाफ बकेवर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है.
Etawah Kathawachak case: ब्राह्मण परिवार की तहरीर पर घटना के 5 दिन बाद बुधवार की रात यह कार्रवाई की गई. दोनों पर आरोप है कि यादव होने के बावजूद दोनों ने खुद को ब्राह्मण बताया था. दोनों पर छेड़खानी के भी आरोप लगे थे.
बकेवर इलाके के दादरपुर गांव निवासी जय प्रकाश तिवारी की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने यह मुकदमा दर्ज किया. जय प्रकाश ने आरोप लगाया है कि कथावाचक मुकुट मणि ने खुद का नाम मुकुट मणि अग्निहोत्री बताया था. यह भी कहा कि औरैया के रहने वाले उनके सहयोगी संत कुमार भी ब्राह्मण हैं. इसकी वजह से दोनों को कथा के लिए बुलाया गया था.
एसएसपी बृजेश श्रीवास्तव ने बताया कि कथा के मुख्य यजमान ने भागवताचार्यों पर जाति छुपाने और छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए तहरीर दी थी. बुधवार रात पुलिस ने दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है. मुकुट मणि यादव और संत कुमार यादव ने जाति छिपाई. उन्होंने फर्जी आधार कार्ड बनवाया था. मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है.

क्यों सुर्खियों में है दादरपुर गांव : इटावा के कथावाचक मुकुट मणि सिंह यादव, औरैया के रहने वाले अपने साथी संत कुमार यादव के साथ दादरपुर में ब्राह्मण जय प्रकाश तिवारी के यहां भागवत कथा कहने पहुंचे थे. इसमें जय प्रकाश और उनकी पन्नी रेनू तिवारी मुख्य यजमान थे. कथावाचकों ने आरोप लगाया था कि कथा के पहले ही दिन 21 जून को उनसे उनकी जाति पूछी गई. दोनों ने खुद को यादव बताया तो लोगों ने मारपीट कर दी. चोटी काट दी. सिर मुंडवाने के बाद महिला के पैरों पर नाक रगड़वाई थी.
इसके बाद यह मामला सुर्खियों में आ गया. पुलिस ने वीडियो के आधार पर गांव दादरपुर निवासी आशीष तिवारी (21), उत्तम अवस्थी (19), प्रथम दुबे उर्फ मनु दुबे (24) और निक्की अवस्थी (30) को पकड़ लिया था. इनमें निक्की मुख्य आरोपी बताया गया था. पुलिस मामले से जुटे अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी थी. दो जातियों से जुड़ा मामला होने के कारण इस मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया. सपा सांसद जितेंद्र दोहरे ने एसएसपी को पत्र सौंपा था.
दंपत्ति बोले- कथावाचकों का आचरण गलत था: जय प्रकाश तिवारी और उनकी पत्नी रेनू तिवारी ने मीडिया के सामने दोनों कथावाचकों पर गंभीर आरोप लगाए थे. कहा था कि शाम को खाना खाने के समय कथावाचक ने उनकी पत्नी का हाथ पकड़ा था. उनकी हरकतें ठीक नहीं थीं. विरोध करने पर कथावाचक धमकी देने लगे कि वह यादव हैं, ज्यादा कुछ कहा तो घर से उठवा लेंगे. इसके बाद बच्चों से इसकी शिकायत की गई तो उन्होंने माफी मंगवाई थी.
सपा प्रमुख अखिलेश यादव का विरोध: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 24 जून को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर घटना पर कड़ी नाराजगी जाहिर की थी. इस दौरान उन्होंने भाजपा सरकार पर भी हमला बोला था. लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में कहा था कि अगर सभी कथा सुन सकते हैं तो कथा कह क्यों नहीं सकते हैं. सपा मुखिया ने दोनों कथावाचकों को 21 हजार से लेकर 51 हजार तक की आर्थिक सहायता देने की भी घोषणा की थी.





