
तेल संकट की आशंका! पीएम मोदी के बाद अश्विनी वैष्णव बोले- अभी से करें बचत…
Ashwini Vaishnaw: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक ऊर्जा संकट को लेकर भारत सरकार अब पूरी तरह सतर्क नजर आ रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी देशवासियों से तेल बचाने, सार्वजनिक परिवहन अपनाने और वर्क फ्रॉम होम (WFH) को प्राथमिकता देने का आग्रह किया है। सरकार का मानना है कि पश्चिम एशिया में हालात जल्द सामान्य होने की उम्मीद कम है और इसका असर दुनिया की अर्थव्यवस्था के साथ भारत पर भी पड़ सकता है।
अश्विनी वैष्णव बोले- “ट्रूस अभी दूर की बात”
सोमवार को एक कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष जल्द खत्म होता नहीं दिख रहा है। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात को देखते हुए भारत को अभी से तैयारी करनी होगी।
वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने जो अपील की है, वह केवल सलाह नहीं बल्कि देशहित में जरूरी कदम है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपनी दिनचर्या में बदलाव लाकर ईंधन की बचत करें और जहां संभव हो वहां वर्क फ्रॉम होम अपनाएं।
इससे पहले PM Modi ने की थीं सात बड़ी अपीलें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से ऊर्जा संरक्षण और विदेशी मुद्रा बचाने को लेकर कई अहम सुझाव दिए थे। पीएम ने कहा था कि लोग निजी वाहनों का कम इस्तेमाल करें, मेट्रो और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा दें तथा अनावश्यक यात्राओं से बचें।
उन्होंने कोविड काल की तरह डिजिटल मीटिंग्स और वर्क फ्रॉम होम मॉडल को फिर से अपनाने की बात कही थी। इसके अलावा प्रधानमंत्री ने कुछ समय के लिए सोने की खरीद और गैरजरूरी विदेशी यात्राएं टालने की भी अपील की थी ताकि विदेशी मुद्रा पर दबाव कम हो सके।
क्यों बढ़ी सरकार की चिंता?
दरअसल पश्चिम एशिया दुनिया के सबसे बड़े तेल उत्पादक क्षेत्रों में शामिल है। यहां जारी संघर्ष का असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ रहा है। भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए वैश्विक कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था और आम जनता पर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात लंबे समय तक बिगड़े रहे तो पेट्रोल-डीजल की कीमतों में तेजी, महंगाई में बढ़ोतरी और रुपये पर दबाव देखने को मिल सकता है।
यह भी पढ़ें…
सोना खरीदना बंद करें… पीएम मोदी के अपील से बाजार और राजनीति में हलचल
उद्योगों और कारोबारियों से भी अपील
अश्विनी वैष्णव ने उद्योग जगत और कारोबारियों से भी सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि कंपनियां ऊर्जा खपत कम करने और विदेशी मुद्रा बचाने के उपाय अपनाएं। साथ ही निर्यात बढ़ाकर देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में योगदान दें।
विपक्ष ने उठाए सवाल
सरकार की इस अपील पर विपक्ष ने सवाल भी खड़े किए हैं। विपक्षी दलों का कहना है कि सरकार को पहले पेट्रोल-डीजल की कीमतों और महंगाई पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। वहीं भाजपा नेताओं का कहना है कि यह समय राजनीतिक बयानबाजी का नहीं बल्कि राष्ट्रीय हित में सामूहिक जिम्मेदारी निभाने का है।
यह भी पढ़ें…
Nitin Gadkari ने शुरू किया नया टोल सिस्टम, सफर होगा तेज और आसान…
सरकार ने कहा- घबराने की जरूरत नहीं
हालांकि केंद्र सरकार ने साफ किया है कि फिलहाल देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है और भारत के पास पर्याप्त तेल भंडार मौजूद हैं। सरकार का कहना है कि यह अपील केवल एहतियात और भविष्य की तैयारी के तौर पर की गई है ताकि वैश्विक संकट का असर कम किया जा सके।
यह भी पढ़ें…





