शारदीय नवरात्रि का चौथा दिन… मां कूष्मांडा की पूजा से मिलती है अपार ऊर्जा और सौभाग्य

Navratri 2025 Day 4: शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व जारी है और गुरुवार को इसका चौथा दिन है। यह दिन मां कूष्मांडा की उपासना को समर्पित है। मान्यता है कि मां कूष्मांडा की आराधना से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन में आ रही बाधाएं स्वतः ही दूर हो जाती हैं।

मां कूष्मांडा का महत्व
दुर्गा पुराण और देवी भागवत के अनुसार, माता कूष्मांडा को ब्रह्मांड की सृष्टि करने वाली देवी माना जाता है। कथा है कि सृष्टि के आरंभ में चारों ओर गहन अंधकार था। उसी समय मां ने अपनी हल्की सी मुस्कान से पूरे ब्रह्मांड का निर्माण कर दिया। इसी कारण उन्हें कूष्मांडा कहा जाता है, जिसका अर्थ है – कूष्मा (कुम्हड़ा), अंड (ब्रह्मांड) अर्थात वह शक्ति जिसने ब्रह्मांड की रचना की।

मां कूष्मांडा को सूर्य की ऊर्जा सहने की अपार शक्ति प्राप्त है। उनकी पूजा करने से भक्त को शक्ति, ऊर्जा और दीर्घायु का आशीर्वाद मिलता है।

चौथे दिन का ज्योतिषीय संयोग

  • सूर्य: कन्या राशि में
  • चंद्रमा: तुला राशि में
  • अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:48 बजे से 12:37 बजे तक
  • राहुकाल: दोपहर 1:43 बजे से 3:13 बजे तक

इस दिन रॉयल ब्लू रंग धारण करना अत्यंत शुभ माना गया है। यह रंग शक्ति, आत्मविश्वास, समृद्धि और गहराई का प्रतीक है।

पूजा विधि

  • ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • घर में मां की चौकी को साफ करके उस पर देवी की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।
  • माता को पान, सुपारी, श्रृंगार का सामान (लाल चुनरी, सिंदूर, अक्षत, चंदन, रोली, लाल पुष्प विशेषकर गुड़हल) अर्पित करें।
  • भोग में फल, मिठाई और सात्विक व्यंजन चढ़ाएं। मान्यता है कि मां कूष्मांडा को मालपुआ विशेष प्रिय है।
  • घी का दीपक और धूपबत्ती जलाएं।
  • दुर्गा सप्तशती, दुर्गा चालीसा या स्तुति का पाठ करें।
  • अंत में मां की आरती करें और पूरे घर में आरती दिखाएं।

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मां कूष्मांडा के मंत्र
मंत्र: ॐ देवी कूष्माण्डायै नमः ॥
बीज मंत्र: ऐं ह्रीं क्लीं कूष्मांडायै नमः ॥
स्तुति मंत्र: या देवी सर्वभूतेषु मां कूष्माण्डा रूपेण संस्थिता.
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः ॥

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पूजा का लाभ

  • मां कूष्मांडा की उपासना से विद्यार्थियों को बुद्धि और ज्ञान की प्राप्ति होती है।
  • जीवन के सभी कार्य निर्विघ्न पूर्ण होते हैं।
  • भक्तों को सुख, सौभाग्य और निरोगी जीवन का वरदान मिलता है।
  • घर में सकारात्मक ऊर्जा और खुशहाली का वातावरण बनता है।

इस प्रकार शारदीय नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा कर भक्त अपने जीवन को ऊर्जा, प्रकाश और समृद्धि से भर सकते हैं।

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