
ग्रीन एनर्जी से ब्लू इकोनॉमी तक, PM मोदी ने नॉर्डिक नेताओं संग बढ़ाया सहयोग…
PM Modi Norway Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नॉर्वे दौरे के दौरान मंगलवार को नॉर्डिक देशों के कई शीर्ष नेताओं के साथ अहम द्विपक्षीय बैठकें कीं। इन बैठकों में व्यापार, ग्रीन एनर्जी, ब्लू इकोनॉमी, तकनीक और सतत विकास जैसे मुद्दों पर व्यापक चर्चा हुई। यह वार्ताएं इंडिया-नॉर्डिक समिट से पहले आयोजित की गईं, जिन्हें भारत और नॉर्डिक देशों के बीच बढ़ते रणनीतिक संबंधों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
आइसलैंड, फिनलैंड और डेनमार्क के नेताओं से मुलाकात
प्रधानमंत्री मोदी ने Kristrún Frostadóttir, Petteri Orpo और Mette Frederiksen के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें कीं। इन मुलाकातों में आर्थिक सहयोग को नई दिशा देने और उभरती तकनीकों में साझेदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया।
बैठकों के दौरान जलवायु परिवर्तन से निपटने, स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन, हरित प्रौद्योगिकी और समुद्री संसाधनों के बेहतर उपयोग जैसे विषय प्रमुख रूप से चर्चा में रहे। भारत ने नॉर्डिक देशों के साथ इन क्षेत्रों में दीर्घकालिक सहयोग की इच्छा जताई।
ग्रीन एनर्जी और ब्लू इकोनॉमी पर खास फोकस
नॉर्डिक देश दुनिया में स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में अग्रणी माने जाते हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी ने इन देशों के साथ नवीकरणीय ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और कार्बन न्यूट्रल तकनीकों पर साझेदारी मजबूत करने पर बल दिया।
इसके अलावा ब्लू इकोनॉमी यानी समुद्री संसाधनों के टिकाऊ उपयोग पर भी चर्चा हुई। समुद्री व्यापार, मत्स्य पालन, समुद्री जैव विविधता और बंदरगाह विकास जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के विकल्पों पर विचार किया गया।
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तकनीक और निवेश पर भी हुई बातचीत
बैठकों में डिजिटल इनोवेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्टार्टअप और रक्षा तकनीक जैसे क्षेत्रों में निवेश और सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति बनी। भारत ने नॉर्डिक कंपनियों को ‘मेक इन इंडिया’ और हरित ऊर्जा परियोजनाओं में निवेश के लिए आमंत्रित किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और नॉर्डिक देशों के बीच साझा लोकतांत्रिक मूल्य और सतत विकास की प्रतिबद्धता दोनों पक्षों को और करीब लाती है।
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इंडिया-नॉर्डिक समिट से बढ़ेंगी उम्मीदें
इंडिया-नॉर्डिक समिट का मुख्य उद्देश्य भारत और नॉर्डिक देशों के बीच रणनीतिक, आर्थिक और तकनीकी सहयोग को नई मजबूती देना है। विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते वैश्विक आर्थिक और भू-राजनीतिक माहौल में यह साझेदारी दोनों पक्षों के लिए काफी अहम साबित हो सकती है।
भारत पहले ही नॉर्डिक देशों के साथ स्वच्छ ऊर्जा, स्मार्ट सिटी, जल प्रबंधन और डिजिटल तकनीक के क्षेत्र में कई परियोजनाओं पर काम कर रहा है। ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी की ये बैठकें भविष्य के सहयोग की दिशा तय करने वाली मानी जा रही हैं।
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