Middle East तनाव के बीच भारत-UAE की बढ़ी नजदीकी, सुरक्षा सहयोग होगा मजबूत…

India UAE Relations: भारत और United Arab Emirates के बीच संबंध तेजी से मजबूत होते नजर आ रहे हैं। खासकर मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों और क्षेत्रीय तनाव के बीच दोनों देश अपने रणनीतिक रक्षा सहयोग को नई दिशा देने की तैयारी में हैं।

PM Modi का अबू धाबी दौरा अहम
प्रधानमंत्री Narendra Modi 18 मई को नीदरलैंड्स की यात्रा के दौरान अबू धाबी में रुकने वाले हैं। इस दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा और सुरक्षा सहयोग को लेकर अहम चर्चाएं होने की संभावना है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस मुलाकात पर सबकी नजरें टिकी हैं।

‘लेटर ऑफ इंटेंट’ से बढ़ी साझेदारी
19 जनवरी को Mohamed bin Zayed Al Nahyan (MBZ) अपने पूरे मंत्रिमंडल के साथ भारत आए थे। इस दौरान दोनों देशों के बीच एक ‘Letter of Intent’ पर हस्ताक्षर किए गए थे, जिसमें छह महीने के भीतर रणनीतिक रक्षा साझेदारी समझौता (Strategic Defense Partnership) स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया।

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किन क्षेत्रों में होगा सहयोग?
भारत और UAE के बीच सहयोग को कई अहम क्षेत्रों तक विस्तार देने की योजना है—

  • रक्षा औद्योगिक सहयोग
  • रक्षा नवाचार और तकनीक
  • विशेष सैन्य अभियान (Special Operations)
  • इंटरऑपरेबिलिटी (साझा सैन्य तालमेल)
  • साइबर सुरक्षा
  • आतंकवाद-रोधी अभियान

क्षेत्रीय तनाव के बीच बढ़ी जरूरत
हाल ही में Iran के साथ तनाव के दौरान UAE को सुरक्षा चुनौतियों का सामना करना पड़ा, जिसमें फुजैरा बंदरगाह भी निशाने पर रहा। ऐसे में भारत जैसे भरोसेमंद साझेदार के साथ रक्षा सहयोग बढ़ाना UAE के लिए रणनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है।

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क्यों अहम है यह साझेदारी?
भारत और UAE के बीच पहले से ही मजबूत आर्थिक और व्यापारिक संबंध हैं। अब रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ने से—

  • क्षेत्रीय सुरक्षा मजबूत होगी
  • आतंकवाद के खिलाफ साझा रणनीति बनेगी
  • इंडो-पैसिफिक और मिडिल ईस्ट में स्थिरता को बढ़ावा मिलेगा

भारत और UAE के बीच बढ़ती रणनीतिक नजदीकियां केवल द्विपक्षीय संबंधों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह वैश्विक और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण हैं। आने वाले समय में यह साझेदारी दोनों देशों को रक्षा और कूटनीतिक मोर्चे पर और मजबूत बना सकती है।

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