
Global Oil Route: ईरान ने बदली रणनीति, भारत-चीन के लिए खुला होर्मुज स्ट्रेट
Hormuz Strait: Iran Opens Hormuz For India: ईरान विदेश मंत्री अराघची ने कहा है कि भारत, चीन, पाकिस्तान, इराक और रूस के लिए होर्मुज खुला हुआ है।
Iran Opens Hormuz For India: होर्मुज स्ट्रेट से दुनिया के करीब 20 प्रतिशत कच्चे तेल की आवाजाही होती है। 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान ने होर्मुज को ब्लॉक कर दिया है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बुधवार को कहा कि होर्मुज स्ट्रेट केवल दुश्मनों के लिए बंद है। मध्य पूर्व युद्ध के कारण यह महत्वपूर्ण तेल और गैस शिपिंग रूट लगभग बंद हो गया है। अब्बास अराघची ने राज्य टीवी पर कहा कि हमारे नजरिए से होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह बंद नहीं है, यह केवल दुश्मनों के लिए बंद है।
दुश्मनों के जहाजों को गुजरने की अनुमति नहीं
हमारे दुश्मनों और उनके सहयोगियों के जहाजों को गुजरने की अनुमति देने का कोई कारण नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि तेहरान की सशस्त्र सेनाओं ने पहले ही मित्र राष्ट्रों के जहाजों को सुरक्षित मार्ग प्रदान किया है। अराघची के अनुसार, अमेरिका, इजरायल और उनके सहयोगी देशों के टैंकरों और जहाजों को रोका जा रहा है, जबकि अन्य देशों के जहाजों को समन्वय के बाद सुरक्षित पास दिया जा रहा है।
UN महासचिव की अपील के बाद फैसला
यह फैसला संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस की अपील के बाद आया है. गुटेरेस ने कहा था कि होर्मुज लंबे समय तक बंद रहने से तेल, गैस और उर्वरकों की सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है. खासकर इस मौसम में जब दुनिया भर में खेती-बुवाई चल रही है, इससे आम लोगों को नुकसान हो रहा है. उन्होंने युद्ध तुरंत खत्म करने की अपील की थी.
ईरानी विदेश मंत्री अराघची ने स्टेट टीवी को दिए इंटरव्यू में बताया कि कई देशों के जहाज मालिकों ने उनसे संपर्क किया और सुरक्षित मार्ग की मांग की. उन्होंने कहा, ‘कुछ देश जो हमारे मित्र हैं या जिनके साथ हमने फैसला किया, उनके जहाजों को हमारे सशस्त्र बलों ने सुरक्षित गुजरने दिया. आपने देखा होगा चीन, रूस, पाकिस्तान, इराक और भारत. भारत के दो जहाज कुछ रात पहले गुजरे. यह आगे भी जारी रहेगा, यहां तक कि युद्ध के बाद भी.’
किन देशों के जहाज नहीं गुजर सकेंगे?
अराघची ने साफ कहा कि अमेरिका, इजरायल और उन खाड़ी देशों के जहाजों को अनुमति नहीं दी जाएगी जो इस जंग में शामिल हैं. उन्होंने कहा, ‘हम युद्ध की स्थिति में हैं. इस क्षेत्र को युद्ध क्षेत्र माना जा रहा है. दुश्मन और उनके सहयोगी जहाजों को गुजरने देने का कोई कारण नहीं है. लेकिन दूसरे देशों के लिए रास्ता खुला रहेगा.’
भारत को मिली बड़ी राहत
यह फैसला भारत के लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि देश अपनी ज्यादा तेल जरूरतें खाड़ी से पूरी करता है. रिलायंस जैसी कंपनियां पहले ही ईरान से तेल खरीद चुकी हैं. होर्मुज खुलने से तेल, गैस और उर्वरक की सप्लाई पर असर कम होगा, जिससे पेट्रोल-डीजल और खाद की कीमतों पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ेगा.
ईरान ने कहा कि गैर-दुश्मन जहाजों को गुजरने से पहले ईरानी अधिकारियों से समन्वय करना जरूरी होगा और वे ईरान के खिलाफ कोई गतिविधि नहीं कर सकते.
ट्रंप के 15 सूत्रीय प्लान का क्या होगा?
यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमले टाल दिए हैं और 15 सूत्रीय शांति प्लान भेजा है, लेकिन ईरान अभी भी सख्त रुख पर है और पाकिस्तान की मध्यस्थता को खारिज कर चुका है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्रंप से बात की थी और हॉर्मुज को सुरक्षित रखने की अपील की थी. ईरान का यह कदम भारत की कूटनीति और दोस्ताना रिश्तों का नतीजा माना जा रहा है.
होर्मुज स्ट्रेट से दुनिया का करीब 20 प्रतिशत तेल निर्यात होता है. इसका आंशिक खुलना वैश्विक तेल बाजार के लिए राहत की खबर है, हालांकि पूरी स्थिति अभी भी संवेदनशील बनी हुई है.





