Iran जल रहा है! खामेनेई शासन के खिलाफ सड़कों पर जनता, बढ़ रहा ट्रंप का दबाव

Iran Protests: ईरान में शुरू हुआ आर्थिक कठिनाइयों के विरोध का आंदोलन अब एक बड़े राजनीतिक संकट में बदल गया है। राजधानी तेहरान से शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन धीरे-धीरे देश भर के कई प्रमुख शहरों तक फैल गया है। प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हिंसक झड़पों की खबरें मिल रही हैं, जिनके कारण अब तक कम से कम 39 लोगों की मौत हो चुकी है।

विरोध प्रदर्शनों के कारण ईरान सरकार ने इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगा दी है ताकि सूचनाओं का तेज़ी से प्रसार रोका जा सके।

आर्थिक संकट से राजनीतिक विद्रोह तक का सफर
विरोध की शुरुआत कुछ महीने पहले तेहरान के ग्रैंड बाज़ार से हुई थी, जहां व्यापारियों ने ईरानी मुद्रा रियाल की गिरावट, बढ़ती महंगाई और वस्तुओं की बढ़ती कीमतों के खिलाफ आवाज़ उठाई थी। आर्थिक संकट धीरे-धीरे बेरोज़गारी, वस्तुओं की कमी और आर्थिक अस्थिरता का बड़ा रूप ले चुका है।

इन विरोधों ने जल्द ही व्यापक राजनीतिक स्वरूप ले लिया, क्योंकि प्रदर्शनकारी अब केवल अर्थव्यवस्था की खराबी के खिलाफ नहीं बल्कि सत्ता संरचना में बदलाव की मांग कर रहे हैं। कई शहरों में प्रदर्शनकारी पूर्व शाह के समर्थन में नारे भी लगा रहे हैं, जो ईरान की सत्ताव्यवस्था के लिए बड़ा राजनीतिक झटका है।

हिंसा, आगजनी और इंटरनेट पाबंदी
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और तस्वीरों में कई शहरों में वाहन जलते, ऊंचे स्तर पर भीड़ जमा होती और सुरक्षाबलों के साथ प्रदर्शनकारियों की भिड़ंत होती दिख रही है। ईरान सरकार ने अशांति के फैलने के डर से इंटरनेट सेवाओं पर व्यापक ब्लैकआउट लगा दिया है, जिससे प्रदर्शनकारियों के बीच संचार सीमित हो गया है।

सरकार ने हिंसा के लिए बाहरी शक्तियों को जिम्मेदार ठहराते हुए दावा किया है कि अमेरिका और इज़राइल से जुड़े “आतंकी एजेंट” आंदोलन को हवा दे रहे हैं। इसके अलावा ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने घरेलू आपूर्तिकर्ताओं को चेतावनी दी कि वे मूल्य वृद्धि या जमाखोरी न करें, ताकि नागरिकों को राहत मिल सके।

खामेनेई का संभावित राष्ट्र संबोधन
सरकारी टीवी ने घोषणा की है कि ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई जल्द ही देश को संबोधित करेंगे। यह भाषण हालात की गंभीरता को पहचानते हुए संभावित राजनीतिक दिशा तय कर सकता है। खामेनेई के संबोधन से पहले देश में तनाव और बढ़ता जा रहा है।

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ट्रम्प की चेतावनी और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएँ
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में विद्रोह पर कड़ी चेतावनी जारी की है। ट्रंप ने कहा है कि अगर ईरानी सुरक्षा बल प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी करते हैं, तो अमेरिका “बेहद कठोर” कार्रवाई करेगा। उन्होंने ईरानी जनता को समर्थन देते हुए कहा कि “आज़ादी से बड़ा कुछ नहीं है” और यह कि दुनिया शांतिपूर्ण आवाज़ों को दबाने की कोशिश को नहीं स्वीकार करेगी।

ट्रम्प के बयान के साथ ही माना जा रहा है कि अमेरिका इज़रायल और अन्य पश्चिमी देशों के साथ मिलकर ईरान पर राजनीतिक और आर्थिक दबाव बढ़ा सकता है।

तेल बाज़ार पर असर
ईरान में जारी अशांति का असर वैश्विक तेल बाज़ार पर भी दिख रहा है। राजनीतिक तनाव के चलते तेल की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गयी है। ब्रेंट क्रूड की कीमत बढ़कर लगभग 62.39 डॉलर प्रति बैरल हो गयी है, जबकि अमेरिकी WTI क्रूड भी मजबूती के संकेत दे रहा है।

विश्लेषकों का कहना है कि अस्थिरता से हो रही तेल सप्लाई की चिंता निवेशकों के विश्वास को प्रभावित कर रही है।

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आंदोलन अब सुधार नहीं, बदलाव मांग रहा है
ईरानी पत्रकार और समाजिक कार्यकर्ता मसीह अलीनेजाद ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया से बात करते हुए कहा है कि इस विरोध के पीछे अब सिर्फ आर्थिक कारण नहीं हैं बल्कि ईरानी लोग पूरा सिस्टम बदलने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि ईरान की मौजूदा शासन प्रणाली अब वक्त के साथ कदम नहीं मिला पा रही है और जनता इसे खत्म करने के लिए संगठित रूप से आगे आई है।

क्या आगे और बड़ा संकट है?
विश्लेषकों के अनुसार यह ईरान के लिए 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद सबसे बड़ा घरेलू संकट हो सकता है। सरकार की प्रतिक्रिया और आगामी खामेनेई का भाषण आगे की दिशा निर्धारित करेगा कि आंदोलन शांत होगा या इससे राजनैतिक रूप से बड़ा परिवर्तन आएगा।

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