
राम मंदिर चढ़ावा केस में बड़ा अपडेट! चढ़ावे के साथ जमीन खरीद की भी होगी पड़ताल
Ram Mandir Chadhava Chori Controversy: अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की राशि में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) को अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिए अतिरिक्त समय दिया गया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने जांच की समय-सीमा बढ़ाते हुए अब 15 जुलाई तक अंतिम रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। पहले यह रिपोर्ट 30 जून तक प्रस्तुत की जानी थी।
बताया जा रहा है कि जांच के दौरान कई नए बिंदु सामने आने के बाद एसआईटी ने विस्तृत जांच के लिए अतिरिक्त समय की आवश्यकता जताई थी। इसके बाद सरकार ने समय-सीमा बढ़ाने का फैसला लिया।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर बढ़ाया गया जांच का दायरा
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर जांच का दायरा केवल चढ़ावे की राशि तक सीमित नहीं रखा गया है। अब एसआईटी मंदिर निर्माण से जुड़े विभिन्न वित्तीय और प्रशासनिक पहलुओं की भी जांच करेगी।
जांच टीम यह भी पता लगाएगी कि मंदिर निर्माण के लिए पिछले कुछ वर्षों में खरीदी गई जमीनों के सौदों में सभी प्रक्रियाओं का पालन किया गया था या नहीं। इसके अलावा वित्तीय लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों की भी बारीकी से जांच की जाएगी।
CCTV फुटेज से जुड़े पहलुओं की होगी पड़ताल
मामले में कथित तौर पर सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध नहीं होने की बात भी सामने आई है। एसआईटी अब इस पहलू की भी जांच करेगी कि संबंधित फुटेज सुरक्षित क्यों नहीं है और क्या इसमें किसी प्रकार की लापरवाही या अन्य कारण जिम्मेदार हैं।
जांच टीम डिजिटल रिकॉर्ड, बैंकिंग दस्तावेज, लेखा-जोखा और संबंधित अधिकारियों से पूछताछ के आधार पर पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने का प्रयास कर रही है।
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सभी दस्तावेजों की हो रही जांच
एसआईटी मंदिर से जुड़े वित्तीय रिकॉर्ड, दान की राशि, भुगतान प्रक्रिया और भूमि खरीद से संबंधित दस्तावेजों का मिलान कर रही है। जांच एजेंसी यह सुनिश्चित करना चाहती है कि सभी लेन-देन निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं के अनुसार हुए या नहीं।
यदि जांच के दौरान किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है, तो उसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की सिफारिश की जा सकती है।
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15 जुलाई की रिपोर्ट पर टिकी निगाहें
अब एसआईटी अपनी विस्तृत रिपोर्ट 15 जुलाई तक उत्तर प्रदेश सरकार को सौंपेगी। माना जा रहा है कि रिपोर्ट में पूरे मामले से जुड़े तथ्यों, जांच के निष्कर्षों और आवश्यक सिफारिशों का उल्लेख होगा।
फिलहाल जांच प्रक्रिया जारी है और किसी भी व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी आधिकारिक रूप से तय नहीं की गई है। अंतिम निष्कर्ष एसआईटी की रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होंगे।
सरकार का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और तथ्य आधारित जांच कराई जा रही है। यदि किसी स्तर पर अनियमितता की पुष्टि होती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
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