लखीमपुर खीरी से जनकल्याण का संदेश… CM Yogi ने दिया विस्थापितों का हक

UP News: उत्तर प्रदेश के Yogi Adityanath ने शनिवार को लखीमपुर खीरी में आयोजित एक कार्यक्रम में शासन और जनकल्याण के संबंध को स्पष्ट करते हुए बड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी सरकार की असली सफलता जनता के सुख और समृद्धि में निहित होती है।

“शासन का कल्याण भी तभी है, जब वह जनता का कल्याण करे,” यह कहते हुए उन्होंने प्रशासन की प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया।

विस्थापित परिवारों को मिला अधिका
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बांग्लादेश से आए 331 विस्थापित हिंदू परिवारों और थारु जनजाति के लोगों को भूमि के मालिकाना हक के पट्टे वितरित किए। ये परिवार पिछले लगभग सात दशकों से अपने अधिकारों की प्रतीक्षा कर रहे थे। जमीन का मालिकाना हक मिलने से अब उनके जीवन में स्थायित्व और सुरक्षा आएगी।

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विकास को गति देने वाली परियोजनाएं
इस अवसर पर Yogi Adityanath ने 1300 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया। इन योजनाओं में सड़क निर्माण, पेयजल व्यवस्था और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कार्य शामिल हैं, जो क्षेत्र के समग्र विकास को नई दिशा देंगे।

शास्त्रों का हवाला देकर समझाया शासन का सिद्धांत
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने भारतीय शास्त्रों का उल्लेख करते हुए कहा—“प्रजासुखे सुखं राज्ञः प्रजानां च हिते हितम्।” उन्होंने कहा कि एक आदर्श शासन वही है, जिसमें जनता खुशहाल हो और सरकार का हर निर्णय जनहित को ध्यान में रखकर लिया जाए।

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जनहित सर्वोपरि: मुख्यमंत्री का संदेश
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि शासन की खुशी व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं में नहीं, बल्कि जनता की संतुष्टि में होती है। उन्होंने जोर दिया कि सरकार का हर कदम समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने के लिए होना चाहिए।

लखीमपुर खीरी में आयोजित यह कार्यक्रम न केवल विकास योजनाओं की शुरुआत का प्रतीक रहा, बल्कि यह भी दर्शाता है कि सरकार जनकल्याण को अपनी नीतियों के केंद्र में रखकर काम कर रही है। Yogi Adityanath का यह संदेश आने वाले समय में प्रशासनिक कार्यशैली की दिशा तय करने वाला माना जा रहा है।

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