
Trump की चेतावनी के 10 दिन बाद सैन्य कार्रवाई… ईरान बोला- जवाब देंगे
Trump’s ultimatum Over: मध्य पूर्व में तनाव उस समय चरम पर पहुंच गया जब अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump की ओर से दिए गए 10 दिन के अल्टीमेटम की समय सीमा खत्म होते ही United States और Israel ने ईरान पर संयुक्त सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी। हमले का मुख्य निशाना Tehran और उसके आसपास स्थित रणनीतिक ठिकाने बताए जा रहे हैं।
क्या था ट्रंप का अल्टीमेटम?
19 फरवरी को ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि ईरान के पास परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम को लेकर समझौता करने के लिए 10 से 15 दिन का समय है। उन्होंने कहा था कि अगर इस अवधि में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो “गंभीर परिणाम” भुगतने होंगे।
समय सीमा समाप्त होते ही अमेरिका और इजरायल ने समन्वित मिसाइल हमले किए। अमेरिकी अधिकारियों ने इसे “निवारक कार्रवाई” (preventive strike) बताया है, जिसका उद्देश्य ईरान की परमाणु और लंबी दूरी की मिसाइल क्षमताओं को कमजोर करना है।
क्या बताई गई हमले की वजह?
अमेरिका और इजरायल का दावा है कि ईरान तेजी से परमाणु क्षमता की ओर बढ़ रहा था और उसकी बैलिस्टिक मिसाइल तकनीक क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा बन रही थी। इजरायल लंबे समय से ईरान के परमाणु कार्यक्रम को अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सीधा खतरा बताता रहा है।
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ईरान की प्रतिक्रिया
Iran ने हमले को “आक्रामक और अवैध कार्रवाई” करार दिया है और जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि उनका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है और इस तरह का हमला अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है।
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हमले पर तीखी बहस
विश्लेषकों के मुताबिक यह हमला मध्य पूर्व में व्यापक सैन्य टकराव की शुरुआत भी हो सकता है। तेल बाजार, वैश्विक कूटनीति और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में इस मुद्दे पर तीखी बहस की संभावना है।
अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि ईरान किस प्रकार की जवाबी कार्रवाई करता है और क्या कूटनीतिक प्रयासों से हालात संभाले जा सकेंगे। अगर तनाव और बढ़ता है, तो इसका असर केवल मध्य पूर्व ही नहीं, बल्कि वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है।
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